अध्यात्म

अयोध्या में फिर गूंजेगा जय श्रीराम, राजा राम को मिलेगा दिव्य सिंहासन, 3 जून से शुरू होगा प्राण प्रतिष्ठा पर्व

Ayodhya Ram Mandir Prana Pratishtha Date 2025: अयोध्या में 23 मई 2025 को श्रीराम दरबार की मूर्तियों की प्रतिष्ठा विधिवत रूप से की जाएगी। तो वहीं 3 जून से 5 जून तक राम मंदिर परिसर में स्थित 14 अन्य मंदिरों में भी प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह पूरा अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और संस्कृति का एक ऐतिहासिक संगम होगा।

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Ayodhya Ram Mandir Prana Pratishtha

Ayodhya Ram Mandir Prana Pratishtha Date 2025: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम दरबार की मूर्तियां स्थापित करने की तैयारियां जोरों पर हैं। 23 मई को भगवान श्रीराम को मंदिर के पहले तल पर सिंहासन पर बिठाया जाएगा, और 3 से 5 जून तक प्राण प्रतिष्ठा का बड़ा समारोह होगा। ये मूर्तियां जयपुर में सफेद संगमरमर से बनाई गई हैं, जो 21 मई को वहां से निकलेंगी और 22 मई को अयोध्या पहुंचेंगी। राम मंदिर में एक बार फिर राम दरबार की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चारों तरफ भक्ति का माहौल बन गया है।

भगवान राम और माता सीता का भव्य सिंहासन

मंदिर में दो फीट ऊंचा सिंहासन तैयार किया गया है, जिस पर भगवान श्रीराम और माता सीता विराजमान होंगे। राम दरबार में लक्ष्मण और हनुमान बैठी मुद्रा में दिखेंगे, जबकि भरत और शत्रुघ्न खड़े रूप में पीछे स्थित होंगे। जानकारी अनुसार 23 मई को विधि-विधान से भगवान राम और उनके परिवार की इन मूर्तियों की प्रतिष्ठा की जाएगी जबकि भरत और शत्रुघ्न की मूर्तियां बाद में स्थापित होंगी। मंदिर परिसर में चारों दिशाओं में भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं और इन द्वारों का स्वरूप प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार तैयार किया जा रहा है।

कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां

3 जून 2025 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का शुभारंभ होगा। 5 जून 2025 को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्राण प्रतिष्ठा विधि पूर्ण होगी। हालाकि, पूजा-अनुष्ठान की शुरुआत 30 मई, गुरुवार को एकादशी के दिन से ही हो जाएगी। इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में काशी और अयोध्या के 101 वैदिक आचार्य भाग लेंगे।

3 स 5 जून में क्या-क्या होगा

-3 से 5 जून 2025 तक अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में तीन दिनों का विशेष अनुष्ठान कार्यक्रम आयोजित होगा।

-इस दौरान काशी और अयोध्या के 101 वैदिक विद्वान वेद-पाठ, यज्ञशाला पूजन, वाल्मीकि रामायण का पाठ और मंत्रोच्चार करेंगे।

-प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में 6 मंदिर शामिल होंगे, जो भगवान शिव, सूर्य, गणपति, हनुमान, देवी भगवती और देवी अन्नपूर्णा को समर्पित हैं।

-देवताओं के लिए खास तौर पर दो-दो फुट ऊंचे संगमरमर के सिंहासन बनाए गए हैं।

-सप्त मंडपम क्षेत्र के 7 मंदिरों में ऋषि वशिष्ठ, वाल्मीकि, अगस्त्य, विश्वामित्र, अहिल्या, शबरी और निषादराज की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।

-साथ ही, शेषावतार मंदिर में लक्ष्मणजी की मूर्ति की भी प्राण-प्रतिष्ठा होगी।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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