अध्यात्म

Ashadha Ashtami 2025: आषाढ़ माह की अष्टमी पर भगवान विष्णु करेंगे कृपा, जान लें विशेष पूजा का सही तरीका, होगा लाभ

Ashadha Ashtami 2025: केले के पत्ते में भगवान विष्णु का वास होता है। आषाढ़ अष्टमी के दिन व्रत करने के लिए आप सुबह उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।

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आषाढ़ माह की अष्टमी और भगवान विष्णु का दिन, विशेष पूजा से मिलेगा लाभ

19 जून को आषाढ़ माह का आठवां दिन है। यह गुरुवार को पड़ रहा है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे। पंचांगानुसार, 19 जून को इस दिन अभिजित मुहूर्त सुबह 11:55 से दोपहर के 12:50 तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर के 02:07 से 03:52 तक रहेगा।

अष्टमी तिथि पर गुरुवार को पड़ रही है। यह दिवस भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन आप चाहें तो व्रत भी रख सकते है। अग्नि पुराण के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति ने काशी में शिवलिंग की स्थापना और तपस्या का उल्लेख किया है, जिससे गुरुवार के दिन भगवान बृहस्पति की पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

अग्नि पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार गुरुवार के दिन व्रत रखने से धन, समृद्धि, संतान और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इस व्रत को किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से शुरू कर सकते हैं। व्रत 16 गुरुवार तक करना चाहिए। व्रत रखने के लिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करने, पीले फल और पीले फूलों का दान करने से भी लाभ होता है।

इसके अलावा इस दिन विद्या की पूजा करने से भी ज्ञान में वृद्धि होती है। गुरुवार के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न और धन का दान करने से भी पुण्य प्राप्त होता है।

मान्यता है कि केले के पत्ते में भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए गुरुवार के दिन केले के पत्ते की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत करने के लिए आप सुबह उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें। फिर केले के वृक्ष की जड़ में चने की दाल, गुड़ और मुनक्का चढ़ाकर भगवान विष्णु की पूजा करें। दीपक जलाएं और कथा सुनें। दिन में एक समय भोजन करें, जिसमें पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

इनपुट: IANS

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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