Rules for keeping Shivling in the house: हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल 14 जुलाई से सावन शुरू होने वाला है, जो 12 अगस्त को समाप्त होगा। सावन का महीना भक्तों के लिए सबसे खास होता है। सावन के महीने में भगवान शिव के भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग की विशेष पूजा करते हैं। शिवलिंग की महिमा अनंत और अपरंपार है। शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में शिव भक्त मंदिर में जाकर शिवलिंग की विधि विधान से पूजा करते हैं, वहीं कुछ लोग भगवान शिव की उपासना के लिए घर में शिवलिंग की स्थापना कर लेते हैं और नियमित रूप से शिवलिंग की पूजा करके भगवान को प्रसन्न कर मनोवांछित फल की कामना करते हैं। घर में शिवलिंग रखना शुभ माना जाता है। शिवलिंग बहुत ही संवेदनशील होता है, लेकिन इसे घर में रखने की कई नियम होते हैं। इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। वरना व्यक्ति को कई परेशानियों से सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं घर में शिवलिंग को रखने के नियमों के बारे में...
बड़ा शिवलिंग न रखें
घर में कभी भी बड़ा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। घर में रखे हुए शिवलिंग का आकार आपके हाथ के अंगूठे के बराबर होना चाहिए। इसके अलावा इसे पूजा-पाठ वाले स्थान पर ही रखें, जहां नियमित पूजा की जा सके। शिवलिंग को रखने के लिए इसकी साफ सफाई का विशेष ध्यान देना होता है।
नियमित रूप से करें जल अभिषेक
यदि घर में शिवलिंग रखा है तो उसकी प्राण प्रतिष्ठा न करवाएं, बल्कि नियमित रूप से उसकी पूजा करें और समय-समय पर अभिषेक जरूर करें। इससे विशेष फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।
एक से ज्यादा शिवलिंग न रखें
हिंदू पुराणों के अनुसार कभी भी घर में एक से ज्यादा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। घर में सिर्फ एक ही शिवलिंग होना चाहिए। अगर आपके घर में एक से ज्यादा शिवलिंग है तो इसे फौरन हटा दें। इसके लिए किसी ज्योतिषी की सलाह लेकर किसी नदी या पेड़ के नीचे रखवा दें।
शिवलिंग के साथ रखें शिव परिवार की मूर्ति
अगर घर में शिवलिंग रखा है तो उसके आसपास शिव जी के परिवार की एक फोटो जरूर लगवाएं। शिवलिंग को कभी भी अकेला न रखें। इसके साथ शिव की मूर्ति या फोटो जरूर होनी चाहिए। इसके अलावा इसकी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शिवलिंग को रोज शुद्ध जल से एक बर्तन में रखकर सफाई जरूर करें।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

