Mauni Amavasya 2022 Upay: मौनी अमावस्या के दिन सभी समस्याओं का होगा समाधान, करने होंगे ये महाउपाय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 31, 2022, 02:28 PM IST

Mauni Amavasya 2022 Upay, Muhurat, Puja Vidhi (मौनी अमावस्या के उपाय): ज्योतिष के अनुसार अमावस्या की रात छोटे व असरदार उपाय करने से एकसाथ कई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। यह तिथि बड़ी से बड़ी परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए बेहद खास है।

Mauni Amavasya 2022 Upay: मौनी अमावस्या के दिन सभी समस्याओं का होगा समाधान, करने होंगे ये महाउपाय

Mauni Amavasya 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat And Upay In Hindi: भारतीय जनजीवन में अमावस्या का विशेष महत्व है। सूर्य और चंद्रमा के मिलन को अमावस्या कहते हैं। जब सूर्य और चंद्रमा के बीच का अंतर शून्य हो जाता है तो अमावस्या तिथि का योग बनता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की तिथि जगत के पालनहर्ता श्री हरि भगवान विष्णु को समर्पित है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार, मौनी अमावस्या शनि देव महाराज और पितरों को समर्पित है। कहा जाता है कि इस दिन मौन धारण करने से मुनि पद की प्राप्ति होती है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन गंगाजल अमृत के समान होता है, जो इस दिन गंगा स्नान करता है उसके सभी कष्टों का नाश होता है तथा समस्त सुखों को भोगने के बाद वैकुंण्ठ लोक की प्राप्ति होती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या 01 फरवरी 2022, मंगलवार को है। इस दिन लोग अपने विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ती के लिए तांत्रिक टोने टोटके करते हैं। ज्योतिष के अनुसार अमावस्या की रात छोटे व असरदार उपाय करने से एकसाथ कई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह तिथि बड़ी से बड़ी परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए बेहद खास है। ऐसे में इस लेख के माध्यम से आइए जानते हैं मौनी अमावस्या की रात को किए जाने वाले असरदार उपाय, जिससे आप मालामाल हो सकते हैं।

मौनी अमावस्या 2022 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस बार मौनी अमावस्या 01 फरवरी 2022, मंगलवार को है। अमावस्या तिथि 31 जनवरी 2022 को रात 02 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 1 फरवरी की रात 11 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी। 

मौनी अमावस्या के दिन करें ये महाउपाय

  1. मौनी अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान कर आंटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य को सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है और बड़ी से बड़ी मुसीबतों का अंत हो जाता है।
  2. वहीं मौनी अमावस्या के दिन चींटियों को आंटा और चीनी खिलाने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  3. मौनी अमावस्या की रात को चंद्रमा की विधिवत पूजा अर्चना करने से घर में सकारात्मक शक्तियों का वास होता है और नकारात्मक शक्तियों का अंत होता है। तथा घर परिवार की सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।
  4. इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण आदि करने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि मौनी अमाव्सया के दिन पितरों का तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और वंश में वृद्धि व सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  5. इस दिन पात्र व्यक्ति को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन किसी गरीब व जरूरतमंद व्यक्ति को दान आदि करने से शनिदेव की कृपा अपने भक्तों पर सदैव बनी रहती है।
  6. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन विधिवत चंद्रदेव की पूजा अर्चना करने से कार्य में आ रही विघ्न बाधाओं का अंत होता है और कठिन से कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। ऐसे में इस दिन विधिवत चंद्रमा की पूजा करें।
  7. आपको बता दें अमावस्या की तिथि श्री हरि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने व मंत्रों का जप करने से धन प्राप्ति के मार्ग में वृद्धि होती है तथा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद अपने भक्तों पर सदैव बना रहता है।
  8. इस दिन धन संपदा में वृद्धि के लिए तुलसी पूजन करना चाहिए। तुलसी पूजन के बाद 108 बार तुलसी की परिक्रमा करें, ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। इससे धन संपदा में वृद्धि होती है। 
  9. मौनी अमावस्या के दिन पीपल के पूजन का भी विधान है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़ में ब्रम्हा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। मान्यता है कि इस दिन पीपल के पेड़ को 108 बार कच्चे सूत से लपेटने और फल अर्पित करने से घर से दरिद्रता दूर होती है और जीवन में आने वाली सभी विघ्न बाधाओं का अंत होता है।

मौनी अमावस्या के उपाय करना लाभदायक माना गया है। इस दिन विधिवत पूजा के बाद यह उपाय जरूर करें। 

डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

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