Aaj Chand Kab Niklega (Moonrise time Today) 14 October 2026: आज 14 अक्टूबर 2026, बुधवार को आश्विन मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी है। इस दिन भगवान गणेश के कपर्दिश विनायक स्वरूप की पूजा की जाती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि आज चांद कब निकलेगा और क्या उसके दर्शन करके व्रत खोलना चाहिए? द्रिक पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली में आज चंद्रोदय सुबह 9:49 बजे और चंद्रास्त शाम 7:57 बजे होगा। हालांकि, कपर्दिश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा है। इसलिए चांद निकलने का समय जानने के साथ इस व्रत का नियम समझना भी जरूरी है।
चतुर्थी का नाम सुनते ही अक्सर ध्यान रात में चांद देखकर व्रत खोलने की ओर जाता है। लेकिन हर चतुर्थी की पूजा और व्रत के नियम एक जैसे नहीं होते। कपर्दिश चतुर्थी शुक्ल पक्ष में आती है। इसे कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी की तरह चंद्र दर्शन करके व्रत खोलने वाला पर्व समझने से भ्रम हो सकता है।
आज चांद कब निकलेगा 14 अक्टूबर 2026 को
नई दिल्ली के लिए द्रिक पंचांग में 14 अक्टूबर का चंद्रोदय सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर दिया गया है। यानी आज चांद निकलने के लिए रात होने का इंतजार नहीं करना होगा। चंद्रमा सुबह ही क्षितिज के ऊपर आ जाएगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर अस्त होगा।
यहां एक बात ध्यान रखें। चंद्रोदय का अर्थ चंद्रमा का क्षितिज से ऊपर आना है। इसका मतलब यह नहीं कि उसी समय वह आंखों से साफ दिखाई भी देने लगेगा। दिन की रोशनी, बादल और आसपास की इमारतों के कारण उसे देख पाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से चांद निकलने और चांद दिखाई देने को एक ही बात नहीं मानना चाहिए।
कपर्दिश चतुर्थी पर चांद देखना चाहिए या नहीं
कपर्दिश चतुर्थी पर वर्जित अवधि में चंद्र दर्शन से बचने की परंपरा है। इस दिन का मुख्य विधान भगवान गणेश की आराधना है। द्रिक पंचांग भी कपर्दिश चतुर्थी के लिए चंद्र दर्शन से बचने का समय अलग से बताता है। इसलिए आज चांद देखने या उसे अर्घ्य देने के लिए छत पर जाकर प्रतीक्षा करना इस व्रत का आवश्यक हिस्सा नहीं है।
पंचांग के अनुसार, आज वर्जित चंद्रदर्शन का समय सुबह 9:49 बजे से शाम 7:57 बजे तक है। इसकी कुल अवधि 10 घंटे 8 मिनट है। यह अवधि नई दिल्ली के चंद्रोदय और चंद्रास्त के समय से मेल खाती है।
आज वर्जित चंद्रदर्शन का समय क्या है
पूजा की तैयारी करते समय जरूरी समय एक जगह नोट कर लें, ताकि चतुर्थी तिथि और चंद्र दर्शन की अवधि को लेकर उलझन न रहे।
| विवरण | तारीख और समय |
|---|---|
| कपर्दिश चतुर्थी | 14 अक्टूबर 2026, बुधवार |
| नई दिल्ली में चंद्रोदय | सुबह 9:49 बजे |
| नई दिल्ली में चंद्रास्त | शाम 7:57 बजे |
| वर्जित चंद्रदर्शन की अवधि | सुबह 9:49 बजे से शाम 7:57 बजे तक |
| कुल वर्जित अवधि | 10 घंटे 8 मिनट |
| चतुर्थी तिथि प्रारम्भ | 13 अक्टूबर 2026, रात 11:27 बजे |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 15 अक्टूबर 2026, रात 1:13 बजे |
चतुर्थी तिथि के आरम्भ और समाप्ति का समय भारतीय समय के अनुसार है। चंद्रोदय और चंद्रास्त के समय नई दिल्ली के हैं; दूसरे शहरों में इनमें अंतर होगा। तिथि के समय द्रिक पंचांग के 2026 विनायक चतुर्थी विवरण में भी यही दिए गए हैं।
क्या शाम 7:57 बजे के बाद चांद देखकर व्रत खोलें
वर्जित चंद्रदर्शन की अवधि समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि उसके बाद चांद देखकर व्रत खोलना जरूरी हो जाता है। नई दिल्ली में शाम 7:57 बजे चंद्रास्त होगा। इसलिए इस समय को चंद्र दर्शन करके पारण करने का मुहूर्त समझना सही नहीं होगा।
कपर्दिश चतुर्थी की व्रत परंपरा में गणेश पूजा, व्रत कथा और भगवान का स्मरण प्रमुख हैं। द्रिक पंचांग में इसके पारण का विधान अगले दिन पंचमी तिथि पर बताया गया है।
कपर्दिश चतुर्थी की पूजा में किन बातों का रखें ध्यान
पूजा के लिए पहले से साफ स्थान तैयार कर लें। भगवान गणेश को प्रणाम करें और अपनी परंपरा के अनुसार पूजन करें। फूल, दूर्वा और भोग अर्पित कर सकते हैं। गणेश मंत्र का जाप करें और कपर्दिश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें।
