Ganga Dussehra 2022: गंगा दशहरा के दिन 10 शुभ दान करने से मिलता है महापुण्य, घर में आती है सुख-समृद्धि

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 5, 2022, 07:49 AM IST

Donation In Ganga Dussehra 2022: इस साल गंगा दशहरा 9 जून को मनाया जाएगा। गंगा दशहरा के दिन स्नान व दान करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन 10 वस्तुओं का दान करने से व्यक्ति को महा पुण्य की प्राप्ति होती है।

Ganga Dussehra 2022: गंगा दशहरा के दिन 10 शुभ दान करने से मिलता है महापुण्य, घर में आती है सुख-समृद्धि
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Ganga Dussehra 2022 Daan: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का काफी महत्व है। गंगा दशहरा हर साल जेष्ठ माह की शुल्क पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा का पर्व 9 जून को मनाया जाएगा। हिंदू मान्यता के अनुसार भागीरथ के पूर्वजों का उद्धार करने के लिए मां गंगा ने इस दिन धरती पर अवतार लिया था, इसलिए इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है।

हिंदू मान्यता के अनुसार मां गंगा भोले शंकर की जटाओं से होकर धरती पर विराजमान हुई थी। उन्होंने राजा सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार किया था और उन्हें मुक्ति मिली दिलाई थी। ज्योतिष के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व है। गंगा दशहरा के दिन कुछ चीजों का दान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि आती है। आइए जानते हैं गंगा दशहरा के दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।

इस दिन 10 वस्तुओं का करें दान
ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक गंगा दशहरा के दिन श्रद्धालु जिस भी वस्तु का दान करें उनकी संख्या 10 होनी चाहिए और जिस वस्तु से भी पूजन करें उसकी संख्या भी 10 होनी चाहिए। ऐसा करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा दक्षिणा भी 10 ब्राह्मणों को ही देनी चाहिए।

इन चीजों का करें दान
गंगा दशहरा के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान पुण्य करने से व्यक्ति सभी संकटों से छुटकारा पा सकता है और व्यक्ति के बिगड़े काम भी अपने आप बनने लगते हैं। इस दिन जल, अन्न, फल, वस्त्र, पूजन व सुहाग सामग्री, नमक, तेल, गुड़ और स्वर्ण दान करने का विशेष महत्व है।

पानी पिलाने से मिलता है पुण्य
हिंदू धर्म के मुताबिक गंगा दशहरा के दिन किसी प्यासे को पानी पिलान से कई तपस्या के बराबर फल मिलता है। इस दिन चलते फिरते हर प्यासे को पानी जरूर पिलाना चाहिए।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।) 

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