Chanakya Niti For Marriage: जीवनसाथी चुनते समय रखें इन बातों का ध्‍यान, वर्ना नर्क बन जाएगा जीवन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 9, 2022, 09:39 AM IST

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य ने अपने नीतिशास्‍त्र में जीवन के अहम पड़ाव जीवनसाथी चुनाव के बारे में भी कई अहम जानकारियां दी हैं। आचार्य कहते हैं कि महिला हो या फिर पुरूष, अगर उसका जीवनसाथी अवगुणों से भरा है तो उसका पूरा जीवन नर्क बन जाता है। इसलिए जीवनसाथी के चुनाव के समय कुछ बातों का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है।

Chanakya Niti For Marriage: जीवनसाथी चुनते समय रखें इन बातों का ध्‍यान, वर्ना नर्क बन जाएगा जीवन

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य द्वारा लिखित चाणक्य नीति जीवन के सूत्रों का एक संग्रह है। इसमें आचार्य चाणक्‍ ने जीवन को सुखमय और सफल बनाने के कई उपयोगी उपाय व सुझाव बताएं हैं। इस नीतिशास्‍त्र का मुख्य विषय मानव मात्र को जीवन के प्रत्येक पहलू की व्यावहारिक शिक्षा देना है। मानव जीवन का एक अहम पड़ाव विवाह करना भी भी है। जीवन के लिए अच्छा जीवनसाथी का चुनाव करना बेहद कठिन होता है। आचार्य कहते हैं कि महिला हो या फिर पुरूष, अगर उसका जीवनसाथी अवगुणों से भरा है तो उसका पूरा जीवन नर्क बन जाता है। इसलिए जीवनसाथी के चुनाव के समय कुछ बातों का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है।

दबाव में कभी न करें शादी

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि, किसी भी व्‍यक्ति को कभी भी ऐसे जीवनसााभी का चुनाव नहीं करना चाहिए, जो किसी दबाव में शादी कर रहा हो या फिर शादी में उसकी मर्जी न हो। ऐसा जीवनसाभी आपको भविष्य में न प्‍यार दे सकता है और न ही जीवन की कोई खुशी। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि शादी के समय अपने कुल, परिवार और रीति रिवाज का भी ध्यान रखना चाहिए। इन प्रथाओं को कायम रखना वैवाहिक जीवन के लिए जरूरी है।

सुंदरता की जगह जीवनसाथी के गुण देखें

आचार्य चाणक्य के अनुसार, व्‍यक्ति को सिर्फ सुंदरता देखकर शादी नहीं करनी चाहिए। जो भी व्‍यक्ति केवल चेहरे की खूबसूरती देखकर जीवनसाथी का चुनाव करता है, उसका जीवन आगे चलकर नर्क बन सकता है। महिला व पुरुष को शादी का फैसला जीवनसाथी के गुण, संस्कार और शिक्षा को देखकर करना चाहिए। ऐसे लोग जीवन को स्‍वर्ग बना देते हैं।

जीवनसाथी में देखें धैर्य और बोलचाल का तरीका

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि, जीवनसाथी चुनते समय व्‍यक्ति को यह जरूर देखना चाहिए कि सामने वाले में धैर्य कितना है। क्योंकि जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना करने के लिए धैर्य की जरूरत होता है। इसी तरह चाणक्य कहते हैं कि जिसे आप जीवनसाथी के रूप में चुनने जा रहे हैं, देख लें कि उसके बोलचाल का तरीका कैसा है। मीठा बोलने वाला घर-परिवार को सुखी रखता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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