आज का पंचांग (4 January 2026): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, फिर द्वितीया लग जाएगी। आज से ही माघ महीने की शुरुआत हो गई है। नक्षत्र पुनर्वसु दोपहर 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, फिर पुष्य नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा मिथुन राशि में सुबह 9 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेगा। योग वैधृति 5 जनवरी सुबह 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
करण तैतिल रात 11 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। आज रवि पुष्य योग दोपहर 3 बजकर 11 मिनट से 5 जनवरी सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा – यह बहुत शुभ योग है। त्रिपुष्कर योग दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक और सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 3 बजकर 11 मिनट से 5 जनवरी सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 38 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा शाम 6 बजकर 40 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 22 मिनट 57 सेकंड और रात की 13 घंटे 37 मिनट 12 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण प्रतिपदा दोपहर 12:29 तक, फिर कृष्ण द्वितीया। नक्षत्र पुनर्वसु दोपहर 3:11 तक, फिर पुष्य। करण गर रात 11:09 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 20।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
4 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:26 से 6:20 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:53 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:47 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:10 से 2:51 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:35 से 6:02 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:38 से 6:59 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 1:01 से 2:27 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:59 बजे से 5 जनवरी सुबह 12:53 तक
- रवि पुष्य योग: दोपहर 3:11 से 5 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक
- त्रिपुष्कर योग: दोपहर 12:29 से 3:11 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 3:11 से 5 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक
4 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:20 से 5:38 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:26 से 1:44 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 3:02 से 4:20 बजे तक
- आडल योग: सुबह 7:15 से दोपहर 3:11 बजे तक
- विडाल योग: दोपहर 3:11 से 5 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:15 से 4:56 बजे तक
- वर्ज्य: 5 जनवरी सुबह 3:33 से 4:59 बजे तक
- बाण: मृत्यु – शाम 7:39 तक, फिर अग्नि पूरी रात
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में केतु/ध्वज दोपहर 3:11 तक, फिर श्रीवत्स। तमिल योग में सिद्ध दोपहर 3:11 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में पूर्ण जीवन, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति चंद्र को (दोपहर 3:11 तक), फिर मंगल को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास दोपहर 12:29 तक पाताल में, फिर पृथ्वी में। चंद्र वास सुबह 9:43 तक पश्चिम में, फिर उत्तर में। शिववास दोपहर 12:29 तक गौरी के साथ। राहु वास उत्तर, कुंभ चक्र उत्तर में।
आज पुनर्वसु नक्षत्र और चंद्रमा मिथुन से कर्क में होने से बुद्धि, यात्रा और भावनात्मक स्थिरता बढ़ेगी। रविवार होने से सूर्य देव को जल अर्पित करें, आदित्यहृदय स्तोत्र पढ़ें और गेहूं-गुड़ दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।
