Aaj Ka Panchang 12 March 2025 (आज का पंचांग 12 मार्च 2025): बुधवार का दिन सनातन हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ये बुध ग्रह का होता है जिसे तर्क, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार भगवान गणेश की पूजा का दिन होता है जिसका विशेष महत्व माना गया है। भगवान गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धि प्रदाता माने जाते हैं, इसलिए इस दिन उनकी आराधना करने से ज्ञान और विवेक प्राप्त होता है। लोग इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनते हैं और हरे मूंग तथा हरी चीजों का दान करते हैं, जिससे उन्हें भगवान का आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में बुध ग्रह को प्रबल बनाने के लिए इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं जिससे जीवन में सुधार हो सकता है। शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से जुड़े उपायों के बारे में जानने के लिए यहां देखें 11 मार्च 2025 का पंचांग और अपना दिन सिद्ध और मंगल बनाएं।
Aaj Ka Panchang 12 March 2025 (आज का पंचांग 12 मार्च 2025)
आज का पंचांग 12मार्च 2025
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह - फाल्गुन,शुक्ल पक्ष,
- तिथि- त्रयोदशी 09:20 ए.एम तक फिर चतुर्दशी
- पर्व- चतुर्दशी
- दिवस -बुधवार
- सूर्योदय - 06:38 ए.एम सूर्यास्त - 6:27 पी.एम
- नक्षत्र- मघा
- चंद्र राशि - सिंह,स्वामी ग्रह -सूर्य
- सूर्य राशि - कुंभ, स्वामी ग्रह-शनि
- करण - तैतिल 09:05 ए.एम फिर गरज
- योग - सुकर्मा 01:00 पी.एम तक फिर धृति
आज के शुभ मुहूर्त -
- अभिजीत - नहीं है।
- विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम तक
- गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:21 पी.एम तक
- ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
- अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
- निशीथ काल मुहूर्त - रात्रि 11:42 से 12:26 तक रात
- संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - दोपहर 12:00 पी.एम से 01:30 पी.एम तक
क्या करें - आज फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है। भैरो जी को समर्पित यह महाव्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। आज भैरो के साथ शिव लिंग की उपासना भी करें। बटुक भैरव स्तोत्र का पाठ करें। फलों व अन्न का दान करें। भगवान भोलेनाथ कल्याणकारी फल प्रदान करने वाले हैं। आज सत्य बोलने का पालन करें। शिव परम ब्रम्ह हैं। भगवान शंकर कष्टों को समाप्त करते हैं। आज व्रत,दान व पुण्य का उत्तम फल है। सपूर्ण भक्ति भाव से घर व मन्दिर में शिवपुराण का पाठ करें। होलाष्टक लग चुका है। तांत्रिक उपासना का फल ज्यादा मिलेगा। इस समय बंगलामुखी उपासना की जाती है।
क्या न करें - होलाष्टक में कोई मांगलिक व गृह प्रवेश कार्य मत करें।
