आज का पंचांग (11 December 2025): 11 दिसंबर को किस समय पर शुरू करें शुभ कार्य, जानिए आज का अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Dec 11, 2025, 05:29 AM IST
Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (11 December 2025): आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और चंद्रमा सिंह में होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। गुरुवार होने से गुरु बीज मंत्र का जप, पीले वस्त्र और चने की दाल का दान विशेष फलदायी रहेगा। इसके साथ ही पौष माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी दोपहर तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। आइए पंचांग से जानते हैं कि आज के दिन का शुभ और अशुभ काल कब है?
11 दिसंबर 2025 का पंचांग
आज का पंचांग (11 December 2025): 11 दिसंबर 2025, गुरुवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार पौष मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी 12 दिसंबर सुबह 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लगेगा। योग प्रीति सुबह 11 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। करण बव दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। आज गुरुवार है – गुरु उपासना और पीपल की पूजा विशेष फलदायी रहेगी।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 7 बजकर 4 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 25 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 12 दिसंबर रात 12 बजकर 8 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 21 मिनट 21 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 39 मिनट 18 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण सप्तमी दोपहर 1:56 तक, फिर कृष्ण अष्टमी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी 12 दिसंबर सुबह 3:55 तक रहेगा, फिर उत्तराफाल्गुनी। पूर्वाफाल्गुनी का पहला पाद सुबह 8 बजकर 57 मिनट तक और दूसरा पाद दोपहर 3 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 26 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में रहेगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और ज्येष्ठा नक्षत्र में 12 दिसंबर सुबह 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। ठंड अब अपने पूरे जोर पर है।
11 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:15 से 6:09 बजे तक (ध्यान-जप के लिए सर्वोत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:42 से 7:04 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:54 से दोपहर 12:35 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 से 2:39 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:50 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:25 से 6:47 बजे तक
- अमृत काल: रात 9:12 से 10:53 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:47 बजे से 12 दिसंबर सुबह 12:42 तक
11 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:32 से 2:50 बजे तक (नए काम न करें)
- यमगण्ड: सुबह 7:04 से 8:21 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:39 से 10:57 बजे तक
- आडल योग: 12 दिसंबर सुबह 3:55 से 7:04 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:31 से 11:12 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 11:08 से दोपहर 12:49 बजे तक
- बाण: रोग – 12 दिसंबर सुबह 6:03 से पूरी रात तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में गद 12 दिसंबर सुबह 3:55 तक, फिर मातंग। तमिल योग में मरण 12 दिसंबर सुबह 3:55 तक, फिर अमृत। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति गुरु को (12 दिसंबर सुबह 3:55 तक), फिर राहु को। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है – दक्षिण की यात्रा टालें। नक्षत्र शूल 12 दिसंबर सुबह 3:55 से उत्तर में रहेगा। अग्निवास दोपहर 1:56 तक पृथ्वी में, फिर आकाश में। चंद्र वास पूर्व में रहेगा। राहु वास दक्षिण, शिववास दोपहर 1:56 तक श्मशान में, फिर गौरी के साथ रहेगा। कुंभ चक्र गर्भ में रहेगा।