Aaj ka Roja Iftar ka Time kya hai: रमजान का महीना मुसलमानों के लिए इबादत, सब्र और रहमत का महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में रोजेदार सुबह सेहरी के बाद रोजा रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार के साथ रोजा खोलते हैं। साल 2026 में भारत में रमजान की शुरुआत 19 फरवरी से मानी गई थी, इसलिए आज 5 मार्च को रमजान का 15वां रोजा रखा जा रहा है।
रमजान का 15वां रोजा इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि यह पूरे महीने के मध्य का समय होता है। इस समय तक रोजेदार रोजा, नमाज और कुरआन की तिलावत की आदत में पूरी तरह ढल जाते हैं। इस दिन से कई लोग इबादत को और बढ़ाने की कोशिश करते हैं ताकि महीने के बाकी दिनों में ज्यादा से ज्यादा नेकियां हासिल की जा सकें।
आज कितने बजे होगा रोजा इफ्तार? (Aaj Roza Iftar Kab Kiya Jayega)
नीचे भारत के प्रमुख शहरों में सूर्यास्त के आधार पर आज इफ्तार का अनुमानित समय दिया गया है।
| शहर | इफ्तार का अनुमानित समय |
|---|---|
| दिल्ली | शाम 6:23 बजे |
| नोएडा | शाम 6:23 बजे |
| गाजियाबाद | शाम 6:22 बजे |
| लखनऊ | शाम 6:09 बजे |
| कानपुर | शाम 6:10 बजे |
| पटना | शाम 5:53 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:42 बजे |
| जयपुर | शाम 6:30 बजे |
| भोपाल | शाम 6:26 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 6:44 बजे |
| मुंबई | शाम 6:45 बजे |
| पुणे | शाम 6:44 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:26 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:28 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:17 बजे |
| श्रीनगर | शाम 6:33 बजे |
| तिरुवनंतपुरम | शाम 6:35 बजे |
ध्यान रखें कि इफ्तार हमेशा सूर्यास्त के बाद ही किया जाता है। इसलिए स्थानीय मस्जिद की अजान या शहर के आधिकारिक रमजान टाइमटेबल के अनुसार 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है।
इफ्तार क्या होता है? (Iftar Kya Hota hai)
इफ्तार वह समय होता है जब रोजेदार सूर्यास्त के बाद अपना रोजा खोलते हैं। रोजा सुबह फज्र की नमाज के साथ शुरू होता है और सूर्यास्त के बाद समाप्त होता है।
इस्लामी परंपरा के अनुसार रोजा खोलने से पहले दुआ पढ़ी जाती है और उसके बाद खजूर या पानी से इफ्तार किया जाता है। इसके बाद नमाज पढ़ी जाती है और फिर हल्का भोजन किया जाता है।
इफ्तार करने का सही तरीका (Roza Iftar Ka Tarika)
इफ्तार करने का तरीका बहुत सरल बताया गया है।सबसे पहले सूर्यास्त के बाद दुआ पढ़ी जाती है। आम तौर पर रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ी जाती है: ‘अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु व बिका आमन्तु व अलाईका तवक्कलतु व अला रिज्किका अफ्तर्तु।’
इसके बाद खजूर या पानी से रोजा खोला जाता है। पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने भी खजूर से इफ्तार करने की परंपरा बताई है।इसके बाद मग़रिब की नमाज पढ़ी जाती है और फिर भोजन किया जाता है।
इफ्तार के समय इन बातों का रखें ध्यान
इफ्तार के समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और सूर्यास्त के बाद ही रोजा खोलना चाहिए। पहले खजूर या पानी से इफ्तार करना बेहतर माना जाता है। इफ्तार के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचना चाहिए। हल्का और संतुलित भोजन शरीर के लिए बेहतर होता है। इस समय दुआ करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि रोजेदार की दुआ इफ्तार के समय खास तौर पर कबूल होती है।
15वें रोजे का महत्व
रमजान का हर रोजा अपने आप में खास होता है, लेकिन महीने के मध्य में आने वाला रोजा रोजेदारों को यह याद दिलाता है कि अब आगे के दिनों में इबादत और ज्यादा बढ़ानी चाहिए।इस समय तक मुसलमान रोजे के साथ-साथ नमाज, दुआ और दान पर विशेष ध्यान देने लगते हैं। कुरआन की तिलावत बढ़ाई जाती है और जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी इस महीने का अहम हिस्सा माना जाता है। इस्लाम में रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि अपने विचारों और व्यवहार को भी अच्छा बनाने की कोशिश करना है।
