आज का इफ्तार का टाइम क्या है 12 March 2026: रमजान का महीना मुसलमानों के लिए रहमत और बरकत का महीना माना जाता है। इस दौरान रोजेदार सुबह फज्र से पहले सेहरी करके रोजा रखते हैं और पूरे दिन धैर्य, संयम और इबादत के साथ समय बिताते हैं। सूर्यास्त होने के बाद मगरिब की नमाज के साथ रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहा जाता है।
रमजान का यह समय खास इसलिए भी होता है क्योंकि महीने के आखिरी दस दिन शुरू होने वाले होते हैं, जिन्हें इबादत के लिहाज से बहुत अहम माना जाता है। आज यानी 12 मार्च 2026 को रमजान का 22वां रोजा रखा जा रहा है। इसलिए रोजेदारों के लिए यह जानना जरूरी है कि आज उनके शहर में इफ्तार का सही समय क्या रहेगा। जानें आज 12 March 2026 का इफ्तार टाइम क्या है, नोट करें आज की इफ्तारी का टाइम और आज रोजा कितने बजे खुलेगा..
आज 12 मार्च 2026 को शहरों के अनुसार इफ्तार का समय
| शहर | इफ्तार का समय (लगभग) |
| दिल्ली में इफ्तार का टाइम | शाम 6:29 PM |
| नोएडा में इफ्तार का टाइम | शाम 6:29 PM |
| चंडीगढ़ में इफ्तार का टाइम | शाम 6:31 PM |
| लखनऊ में इफ्तार का टाइम | शाम 6:15 PM |
| कानपुर में इफ्तार का टाइम | शाम 6:17 PM |
| जयपुर में इफ्तार का टाइम | शाम 6:35 PM |
| भोपाल में इफ्तार का टाइम | शाम 6:36 PM |
| पटना में इफ्तार का टाइम | शाम 5:57 PM |
| कोलकाता में इफ्तार का टाइम | शाम 5:46 PM |
| हैदराबाद में इफ्तार का टाइम | शाम 6:27 PM |
| चेन्नई में इफ्तार का टाइम | शाम 6:21 PM |
| बेंगलुरु में इफ्तार का टाइम | शाम 6:31 PM |
| मुंबई में इफ्तार का टाइम | शाम 6:48 PM |
| अहमदाबाद में इफ्तार का टाइम | शाम 6:47 PM |
| सूरत में इफ्तार का टाइम | शाम 6:46 PM |
| श्रीनगरमें इफ्तार का टाइम | शाम 6:34 PM |
ध्यान रखें कि स्थानीय मस्जिद या इलाके के अनुसार समय में 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है। इसलिए कई लोग एहतियात के तौर पर सूर्यास्त के कुछ मिनट बाद इफ्तार करते हैं।
रोजा खोलने का सही तरीका क्या है
इस्लामिक परंपरा के अनुसार रोजा फज्र की नमाज से शुरू होकर मगरिब की नमाज के समय खत्म होता है। जैसे ही सूर्यास्त होता है, रोजेदार इफ्तार करके अपना रोजा खोलते हैं। सुन्नत के अनुसार रोजा खजूर या पानी से खोलना बेहतर माना जाता है। इसके बाद मगरिब की नमाज अदा की जाती है और फिर भोजन किया जाता है।
इफ्तार के समय कौन सी दुआ पढ़ी जाती है
इफ्तार के समय अक्सर यह दुआ पढ़ी जाती है - 'अल्लाहुम्मा लका सुम्तु वा अला रिज्किका अफ्तर्तु।'
इसका अर्थ होता है - ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरी दी हुई रोजी से इफ्तार कर रहा हूं।
रमजान में इफ्तार का महत्व क्या होता है
रमजान में इफ्तार का समय आध्यात्मिक रूप से बहुत खास माना जाता है। पूरे दिन रोजा रखने के बाद जब रोजेदार इफ्तार करते हैं, तो उस समय अल्लाह का शुक्र अदा किया जाता है और दुआ की जाती है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार इफ्तार के समय की गई दुआ के कबूल होने की उम्मीद ज्यादा होती है। इसलिए इस समय लोग अपने परिवार, दोस्तों और पूरी दुनिया की भलाई के लिए दुआ करते हैं।
