अध्यात्म

6 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए नवरात्रि के चौथे दिन के पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

6 October 2024 Panchang (6 अक्टूबर 2024 आज का पंचांग): नवरात्रि के चौथे दिन मां कू्ष्मांडा की पूजा की जाती है। आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर होगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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6 October 2024 Panchang

6 October 2024 Panchang (6 अक्टूबर 2024 आज का पंचांग): आज नवरात्रि का चौथा दिन है। इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। आज के दिन विशाखा नक्षत्र रहेगा। रविवार के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:53 am से 12:34 pm तक रहेगा। इस मुहूर्त में आप मां कूष्मांडा की पूजा कर सकते हैं। आज के दिन राहुकाल का समय सायंकाल 04;30 बजे से 06 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

6 October 2024 Panchang (6 अक्टूबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-आश्विन शुक्ल पक्ष

तिथि- चतुर्थी व्रत-नवरात्र चतुर्थ दिवस,माता कूष्मांडा जी की पूजा

दिवस-रविवार

सूर्योदय-06:17am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-विशाखा

चन्द्र राशि -वृश्चिक राशि,स्वामी ग्रह-मङ्गल

सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध

करण= गरज

योग: -विष्कुंभ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53 am से 12:34 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:25 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;40am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा ।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-सायंकाल 04;30 बजे से 06 बजे तक

क्या करें-नवरात्रि माता दुर्गा पूजा का आज चतुर्थ दिवस है। आज माता कूष्मांडा के रूप में माता दुर्गा की उपासना की जाती है। माता कूष्मांडा जी की उपासना करें।दुर्गासप्तशती का पाठ करें।माता के 32 व 108 नाम का जप करें। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का पाठ पुण्यदायी है। नवरात्र व्रत का पुण्य अखण्ड है,इस व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके दुर्गासप्तशती का पाठ करें या कराएं। बेहतर है कि माता दुर्गा की भक्ति मांगे।यह स्थायी है।भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। शिव उपासना अवश्य करें।

क्या न करें-सात्विक विचार हो। माता की भक्ति कभी मन से विस्मृत मत हो।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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