अध्यात्म

05 February 2025 Panchang: पंचांग से जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त समय, दिशा शूल और बुधवार के उपाय

05 February 2025 Panchang (05 फरवरी 2025 आज का पंचांग): आज माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करने से लाभ मिलेगा। आइय पंचांग से शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल समेत आज के दिन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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5 february 2025 panchang in hindi

05 February 2025 Panchang (05 फरवरी 2025 आज का पंचांग):कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि दिवस बुधवार है। आज श्री गणेश जी के निमित्त पावन व्रत है। श्री गणपति जी की उपासना करें। कम्बल का दान करें। यह माह विष्णु जी व लक्ष्मी जी को समर्पित बहुत ही पुण्यदायी होता है। गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों ,तिल व चावल का दान करें।माता गंगा की उपासना करें। पीपल के वृक्ष के तले बैठकर सुंदरकांड के पाठ से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। गणेश जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। तिल के लड्डू व काले ऊनी वस्त्रों का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है,पुण्य की प्राप्ति होती है। इस समय नित्य गंगा स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें।मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। आध्यात्मिक सतसंग का आनन्द लें। बुधवार को भैरो उपासना की जाती है। बटुक भैरव स्तोत्रम का पाठ करें।

05 February 2025 Panchang (05 फरवरी 2025 आज का पंचांग)-

संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह- माघ, शुक्ल पक्ष, अष्टमी,

तिथि- अष्टमी

दिवस - बुधवार

सूर्योदय- 07:08am

सूर्यास्त- 6:03pm

नक्षत्र- भरणी 08:33pm तक फिर कृतिका

चन्द्र राशि - मेष, स्वामी ग्रह- मङ्गल

सूर्य राशि- मकर, स्वामी ग्रह- शनि

करण- विष्टि 01:31pm तक फिर बव

योग- शुक्ल 09:21 pm तक फिर ब्रम्ह

शुभ मुहूर्त-

1) अभिजीत- नहीं है

2) विजय मुहूर्त- 02:25pm से 03:25pm तक

3) गोधुली मुहूर्त- 06:20pm से 07:22pm तक

4) ब्रम्ह मुहूर्त- 4:03m से 05:09am तक

5) अमृत काल- 06:09am से 07:40am तक

6) निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:40 से 12:22 तक रात

7) संध्या पूजन- 06:21 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल- उत्तर दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- दोपहर 12 बजे 01:30 बजे तक

क्या न करें- किसी को अप्रिय वाणी मत बोलें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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