Kurkuri Rasili Jalebi Recipe: सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हो चुका है। इस साल सावन के महीने में चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार का व्रत 18 जुलाई को हो चुका है, जबकि दूसरा सोमवार 25 जुलाई को पड़ेगा। सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय हैं। सावन के महीने में भक्त भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करते हैं। सावन में पड़ने वाले प्रत्येक सोमवार को व्रत रखने से कुंवारी लड़कियों को मनोनुकूल वर की प्राप्ति होती है। वहीं ऐसी भी मान्यता है कि सावन में व्रत रखने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामना को पूरी करते हैं। ऐसे में व्रत रखने वालों के लिए खाने में स्वाद बरकरार रखने में थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि बार-बार एक ही चीज खाने से मन भर जाता है। ऐसे में व्रत के दौरान कुछ रसीली मीठी जलेबी बनाया जाए तो यह खाने का टेस्ट भी बदल देगी और मूड भी। तो आइए जानते हैं सावन में कैसे बनाएं गरमा गरम रसीली जलेबी।
रसीली जलेबी बनाने की विधि
जलेबी रेसिपी बनाने के लिए सबसे पहले एक छोटी कटोरी में आधा गुनगुना पानी रखें और उसमें यीस्ट डालकर फूलने के लिए अलग रख दें। इसके बाद एक बड़े बर्तन में मैदा छान लें, फिर उसमें पहले से घुला हुआ यीस्ट और पानी डालते हुए न ज्यादा गाढ़ा और न पतला घोल बना लें। अब इस घोल को 5-6 घंटे के लिए ढककर अलग रख दें। जिससे जलेबी के घोल में खमीर उठ सके। इसके बाद एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर धीमी आंच पर एक तार की चाशनी बनने तक पकाएं। चाशनी में उबाल आने के बाद उसमें एक चम्मच दूध डाल दें। इससे चाशनी की गंदगी ऊपर आ जाएगी, जिसे चम्मच की मदद से आसानी से अलग कर दें।
चाशनी में काफी देर तक उबाल आने के बाद एक चम्मच की मदद से उठाकर देखें, अगर एक पतली सी धार की तरह चाशनी नीचे गिरती है, तो चाशनी तैयार है। अब चाशनी में केसर डालें और धीमी आंच पर पकने दें। इसके बाद एक कढ़ाही में धीमी आंच पर घी गर्म करें। इसके बाद जलेबी को घोल साफ पतले कपड़ें या दूध की थैली को कोन की शेप देकर उसमें घोल भरें। अब कोन को एक कोने को काटकर गर्म घी में जलेबियां बनाएं। इसके बाद जलेबियों को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें। आपकी गरमागरम जलेबी बनकर तैयार हो जाएगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

