Ranchi Police: Omg! झारखंड में पूरा बैंक ही चल रहा था फर्जीवाड़े में, मकान मालिक की सूझबूझ से पकड़ा गया बड़ा रैकेट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 22, 2022, 10:54 PM IST

Ranchi Fake Bank: हाल में बिहार के बांका जिले में फर्जी थाना संचालित करने का मामला सामने आया था। अब बोकारो में बैंक ऑफ इंडिया की फर्जी शाखा संचालित की जा रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस फर्जी शाखा से कई योजना से जुड़े फॉर्म, मुहर व अन्य कागजात एवं फाइल जब्त किए हैं।

Ranchi Police: Omg! झारखंड में पूरा बैंक ही चल रहा था फर्जीवाड़े में, मकान मालिक की सूझबूझ से पकड़ा गया बड़ा रैकेट
Photo Credit: Twitter

Ranchi News: बैंक ऑफ इंडिया के नाम से संचालित फर्जी शाखा चलाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। चंदनकियारी में बैंक की फर्जी शाखा खोल कर उगाही की जा रही थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिस मकान में यह शाखा संचालित की जा रही थी, उसके मकान मालिक को संदेह होने पर उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बता दें, चंदनकियारा प्रखंड मुख्यालय स्थित सुभाष चौक पर दत्ता कांप्लेक्स में बैंक ऑफ इंडिया की फर्जी शाखा संचालित की जा रही थी। 

मालिक की जागरुकता की वजह से यह फर्जी शाखा बंद हो गई। ठग गिरोह के सदस्य को पुलिस ने चास की आदर्श कॉलोनी निवासी कुंदन तिवारी और बोकारो सेक्टर 12 निवासी वरुण कुमार को गिरफ्तार किया है। चंदनकियारी पुलिस ने मकान मालिक चंदनकियारी सुभाष चौक निवासी तपन दत्ता के लिखित बयान पर इस गिरोह के सरगना दिलीप महतो, वरुण कुमार, श्यामलाल महतो व कुंदन तिवारी समेत आठ लोगों पर जालसाजी कर ठगी करने के प्रयास की प्राथमिकी लिखी है।

अन्य आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी

थाना प्रभारी चंचल कुमार का कहना है कि, फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश मकान मालिक की सतर्कता से हुआ है। वहां कई चीजें जब्त की गईं हैं। आरोपियों द्वारा छात्र-छात्राओं के बैंक ऑफ इंडिया व बैंक ऑफ बड़ौदा का फोटो व पहचान पत्र संलग्न खाता खोलने का फॉर्म लक्ष्मी लाडली योजना का फॉर्म मुहर बरामद कर कुंदन तिवारी और वरुण को जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी है।

15 हजार रुपए प्रति माह किराए पर लिया था फ्लैट

इस संबंध में मकान मालिक तपन दत्ता ने पुलिस को कहा है कि, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा खोलने के लिए दिलीप महतो ने उनके मकान को 15 हजार रुपये प्रति महीने किराया पर लिया था। यहां 10 अगस्त से हर दिन दो और चार पहिया वाहन में 8 से 10 लोग अधिकारी और कर्मचारी के नाम पर आते थे। इसमें दिलीप महतो स्वयं को शाखा प्रबंधक बताता था। पुलिस ने कहा कि, इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जल्द ही पहचान उजागर हो जाएगी। इस गिरोह के उजागर होने के बाद शहर में ऐसी और फर्जी बैंक शाखाएं चलाए जाने की आशंका है। पुलिस अब शहर के सभी बैंक शाखाओं की जांच-पड़ताल करेगी। उनका सत्यापन किया जाएगा, ताकि फर्जी बैंकों का पर्दाफाश हो सके।

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