टेराकोटा आर्मी असल में मिट्टी से बनी सैनिकों की मूर्तियों का एक विशाल समूह है। इन मूर्तियों को चीन के पहले सम्राट किन शी हुआंग (Qin Shi Huang) की कब्र की रक्षा के लिए बनाया गया था। जब सम्राट की मृत्यु हुई, तो यह माना जाता था कि उन्हें परलोक में भी सुरक्षा की जरूरत होगी। इसी सोच के साथ हजारों सैनिकों, घोड़ों और रथों की मूर्तियां बनाई गईं।
इस आर्मी की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां मौजूद हर एक सैनिक का चेहरा अलग है। किसी का चेहरा गुस्से वाला है तो कोई शांत दिखता है, साथ ही इनमें से किसी की मूंछें अलग हैं तो किसी का हेयरस्टाइल अलग है। यानी एक भी मूर्ति दूसरी जैसी नहीं है। यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे अनोखा “मिट्टी का आर्मी” कहा जाता है।
इस अद्भुत खजाने की खोज साल 1974 में हुई थी। कुछ किसान खेत में कुआं खोद रहे थे, तभी उन्हें मिट्टी के सैनिकों के टुकड़े मिले। जब खुदाई की गई, तो धीरे-धीरे हजारों सैनिक सामने आए। आज यह जगह दुनिया के सबसे बड़े ऐतिहासिक स्थलों में गिनी जाती है।
टेराकोटा आर्मी में अब तक 8000 से ज्यादा सैनिक, 600 से ज्यादा घोड़े और कई रथ खोजे जा चुके हैं। यह सब जमीन के नीचे अलग-अलग हिस्सों में रखा गया है। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे असली सेना युद्ध के लिए एकदम तैयार खड़ी हो।
यह आर्मी सिर्फ संख्या में ही बड़ी नहीं है, बल्कि इसकी बारीकी भी कमाल की है। हर मूर्ति को हाथ से बनाया गया है, जिसमें चेहरे के भाव, कपड़े और हथियार तक को भी बहुत ही बारीकी से डिजाइन किया गया है। इतनी पुरानी होने के बावजूद आज भी ये मूर्तियां काफी हद तक सुरक्षित हैं।
दुनिया में कई जगह मूर्तियां और स्मारक हैं, लेकिन इतनी बड़ी और इतनी पीक डिटेल वाली “मिट्टी की सेना” कहीं और नहीं है। यह चीन की प्राचीन कला और इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है। इस ऐतिहासिक सेना को चीन और पूरी दुनिया के सबसे खास अजूबों में से एक माना जाता है।
दुनिया में कई ऐसे अजूबे हैं जिन्हें देखने के बाद इंसान अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाता। उन्हीं में से एक है चीन की मशहूर टेराकोटा आर्मी (Terracotta Army)। हजारों सैनिकों वाली इस आर्मी को मिट्टी से बनाया गया है और यह सेना 2000 साल से भी पुरानी है।