आज हम आपको दुनिया की सबसे ठंडी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। यह एक ऐसी जगह है, जहां जाना तो दूर बल्कि इसके बारे में आम इंसान सोच भी नहीं सकता है।
बता दें कि अंटार्कटिका दुनिया की सबसे ठंडी जगह है। यहां का तापमान 21 जुलाई 1983 को -89.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां जाकर इंसान तो क्या जानवर भी बर्फ की तरह जाएं।
हालांकि, यहां पर रिसर्च सेंटर बना हुआ है और वैज्ञानिक इस जगह पर रहते हैं। इसका तकरीबन 98 परसेंट हिस्सा बर्फ से ढका हुआ है।
अंटार्कटिका पर वैज्ञानिक विशेष रूप से डिजाइन किए गए रिसर्च स्टेशनों में रहते हैं। इसके साथ ही अत्यधिक ठंड और हवा से बचने के लिए कई परतों वाले कपड़े पहनते हैं।
यह जगह इतनी भयावह है कि यहां पर अकेलेपन से भी वैज्ञानिकों की मौत हो सकती है। इस कारण वह ग्रुप में बाहर निकलते हैं। इसके साथ वह बाहर से लाए गए भोजन पर निर्भर रहते हैं।
अंटार्कटिका में अपनी ऊर्जा बचाए रखने के लिए वैज्ञानिक उच्च कैलोरी वाला आहार खाते हैं। इसके साथ ही बर्फ को पिघलाकर उसका पानी उपयोग करते हैं। वहीं स्टेशन के अंदर मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेकर वह खुद को सहारा देते हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अंटार्कटिका पर लगातार 6 महीने दिन 6 महीने रात होती है। यहां गर्म पानी कुछ ही सेकंड में बर्फ में बदल जाता है।