सिबिल स्कोर एक तीन अंकों वाली संख्या होती है। यह संख्या किसी भी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में बताती है। सिबिल स्कोर 300-900 के बीच की कोई भी संख्या हो सकती है। जब भी लोन या क्रेडिट कार्ड चाहिए होता है तो आपका सिबिल चेक किया जाता है।
आपके ऊपर कितने लोन चल रहे हैं, आप अपने लोन की EMI का भुगतान समय पर कर पा रहे हैं या नहीं और क्या आप अपने क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर भरते हैं। ये सभी ऐसे फैक्टर्स हैं जिनकी बदौलत आपका सिबिल स्कोर घटता या बढ़ता है।
जब भी आप किसी लोन के लिए अप्लाई करते हैं या फिर किसी क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं तो बैंक या वित्तीय संस्था आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखती है। जब भी कोई कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखती है तो एक क्रेडिट इन्क्वायरी जनरेट होती है।
अधिकतर लोग इस बारे में नहीं जानते लेकिन क्रेडिट इन्क्वायरी की वजह से भी सिबिल स्कोर में गिरावट आती है। क्रेडिट इन्क्वायरी लगभग 2 साल तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज रहती है। इस दौरान क्रेडिट इन्क्वायरी आपके सिबिल स्कोर को भी प्रभावित करती है।
क्रेडिट इन्क्वायरी दो तरह की होती हैं। सॉफ्ट इन्क्वायरी और हार्ड इन्क्वायरी। सॉफ्ट इन्क्वायरी की वजह से आपके क्रेडिट कार्ड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन हार्ड इन्क्वायरी की वजह से आपके क्रेडिट स्कोर में 5 अंकों तक की गिरावट आ सकती है। खराब सिबिल स्कोर की वजह से आपको भविष्य में लोन मिलने की संभावना भी कम हो जाती है।