वर्तमान में पीएम किसान योजना के तहत किसानों को साल भर में कुल 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं। दिसंबर 2024 में संसद की एक समिति ने इस राशि को बढ़ाने का सुझाव जरूर दिया था,
लेकिन राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने साफ किया कि अभी सरकार के स्तर पर रकम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है यानी फिलहाल किसानों को सालाना 6,000 रुपये ही मिलते रहेंगे।
फार्मर आईडी को लेकर भी किसानों के मन में भ्रम है। सरकार के अनुसार पीएम किसान योजना के लिए फार्मर आईडी हर जगह अनिवार्य नहीं की गई है। जिन 14 राज्यों में किसान पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहां नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्मर आईडी जरूरी है। वहीं, जिन राज्यों में यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है, वहां किसान बिना फार्मर आईडी के भी आवेदन कर सकते हैं। पहले से योजना का लाभ ले रहे किसानों को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है।
इस योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी, जिसका मकसद खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देना है। जिन किसानों के नाम पर कृषि भूमि है, वे इसके लिए पात्र माने जाते हैं। हालांकि कुछ उच्च आय वर्ग के लोगों को इस योजना से बाहर रखा गया है। योजना की राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक पीएम किसान योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं, जिनके जरिए किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है। अब देशभर के किसान 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में नियमों और ताज़ा अपडेट की सही जानकारी होना जरूरी है।
अगर आप पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं, तो फिलहाल सालाना राशि बढ़ने से जुड़ी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। नए आवेदन करने वाले किसानों को अपने राज्य के नियम जरूर जांच लेने चाहिए, खासकर फार्मर आईडी से जुड़ी शर्तें।
किसी भी तरह की अफवाह से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, ताकि आपकी अगली किस्त समय पर खाते में पहुंच सके।