एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। पहले यह खतरा पृथ्वी की ओर था, लेकिन ताज़ा कैलकुलेशन के बाद जोखिम अब चांद की तरफ मुड़ गया है। आशंका है कि अगर यह चांद से टकराता है, तो भारी मात्रा में मलबा अंतरिक्ष में फैलकर पृथ्वी के चारों ओर घूमते सैटेलाइट्स और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी वजह से नासा अब इस एस्टेरॉयड को न्यूक्लियर ब्लास्ट से नष्ट करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।
अगर एस्टेरॉयड चांद से टकराता है, तो उसकी सतह से करोड़ों किलोग्राम मलबा उछलकर अंतरिक्ष में फैल सकता है। यह मलबा पृथ्वी की ओर बढ़कर सैटेलाइट्स और ISS के लिए भारी खतरा पैदा कर सकता है।
arXiv सर्वर पर मौजूद एक नई स्टडी में सुझाव दिया गया है कि 2029 से 2031 के बीच “न्यूक्लियर रोबस्ट डिसरप्शन मिशन” चलाए जाएं ताकि एस्टेरॉयड को टकराने से पहले ही तोड़ा जा सके।
2024 YR4 के चांद से टकराने की संभावना अब 4.3% तक पहुंच गई है, जो पहले पृथ्वी के लिए सिर्फ 3.1% थी। इसका मतलब—खतरा बढ़ रहा है और ज्यादा वास्तविक हो चुका है।
अगर एस्टेरॉयड (174–220 फीट) का यह पिंड चांद से टकराया, तो लगभग 100,000,000 किलोग्राम मलबा अंतरिक्ष में फेंक सकता है, जो धरती की ओर बढ़ते माइक्रोमीटियोरॉइड स्टॉर्म में बदल सकता है।
तेज़ रफ्तार से आने वाला मलबा सैटेलाइट्स को पंचर कर सकता है और ISS पर मौजूद एस्ट्रोनॉट्स को जोखिम में डाल सकता है। कई स्पेस मिशन बीच में ही बंद या बाधित हो सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, टक्कर में 6.5 मेगाटन TNT जितनी ऊर्जा निकलेगी—हिरोशिमा बम से सैकड़ों गुना ज्यादा। यह चांद की सतह पर एक किलोमीटर गहरा गड्ढा बना सकता है।