चाणक्य कह गए हैं कि हर इंसान के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब अचानक से उसकी किस्मत पूरी तरह से पलट जाती है। जीवन में कभी कुछ अच्छा होने लगता है तो कभी जीवन से सभी मुसीबतें खत्म हो जाती हैं।
चाणक्य नीति की मानें तो हर किसी के जीवन में एक दौर आता है जब उसकी मेहनत और उसके फैसले उसके जीवन की दिशा तय करते हैं। यह वह वक्त होता है जब किस्मत पूरी तरह से पलट सकती है।
चाणक्य का मानना था कि 25 साल तक की उम्र सीखने की होती है। जितना हो सके उतना सीखें। अगर इस उम्र में नहीं सीखे तो आगे बहुत मुश्किल होगी।
चाणक्य के मुताबिक 26 से 32 साल की उम्र वह है जहां किस्मत पलटी मारती है। इस उम्र में अगर आपने सही राह चुन ली तो भविष्य संवर जाएगा और अगर गलत रास्ता पकड़ा तो बनी बनाई जिंदगी खराब हो जाएगी।
बकौल चाणक्य यही वह उम्र होती जिसमें मेहनत साथ लिया गया सही फैसला लेना जीवन में सफलता के शिखर तर पहुंचाता है।
चाणक्य सदियों पहले जीवन का यह बहुमूल्य सूत्र दे गए हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति उम्र के इस दौर में अपने कर्म पर ध्यान दे तो उसकी किस्मत किसी भी दिशा में पलट सकती है।
चाणक्य के मुताबिक इसी उम्र में इंसान गरीब से उठकर अमीर बन सकता है और साथ ही असफलता से निकलकर एक सफल इंसान बनता है। ठीक इसकी विपरीत भी हो सकता है।