बुखार उतरना राहत की बात है। लेकिन संक्रमण के बाद शरीर को संभलने में समय लग सकता है। इसे पोस्ट वायरल थकान कहते हैं। तुरंत पुरानी रफ्तार पकड़ने के बजाय काम के बीच छोटे ब्रेक लें।
बिस्तर पर लेटकर लगातार रील देखना पूरा आराम नहीं है। दिमाग को भी विराम चाहिए। थोड़ी देर फोन और टीवी बंद करके शांत बैठें या लेटें। दिन में ऐसे छोटे विराम मदद कर सकते हैं।
बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है। रिकवरी में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। पेशाब कम होना या बहुत गहरा दिखना पानी की कमी का संकेत हो सकता है।
खाने का मन न हो, फिर भी लंबे समय तक खाली पेट न रहें। थोड़ी मात्रा में नियमित खाएं। दाल-चावल, खिचड़ी, दही या अपनी पसंद का आसानी से खाया जाने वाला भोजन चुनें। शरीर को रिकवरी के लिए पोषण चाहिए।
बीमारी के बाद सोने-जागने की दिनचर्या बिगड़ सकती है। रात में समय पर सोने और सुबह तय समय पर उठने की कोशिश करें। दिन में जरूरत के अनुसार आराम लें। थकान के बावजूद काम खींचते रहना ठीक नहीं।
बेहतर लगते ही भारी कसरत या सारे घरेलू काम शुरू न करें। सहन हो तो घर में हल्का चलें। गतिविधि के बाद थकान बढ़े तो उसे कम करें। शरीर की प्रतिक्रिया देखकर ही काम बढ़ाएं।
सुधार के बाद बुखार या खांसी लौटे, कमजोरी बहुत बढ़े या पेशाब कम हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द होने पर तुरंत चिकित्सा मदद लें। हर कमजोरी को सामान्य रिकवरी मानकर टालें नहीं।