खबरों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने सभी ऑफिस में 1 नवंबर से लेकर फरवरी तक 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम करने का नियम लागू किया है। ऐसे में अगर आप भी प्रदूषण में बाहर निकलने से खुद को जरूर बचाएं।
सिर्फ मौसम देखकर बाहर जाने का फैसला न करें। दिन की वायु गुणवत्ता भी जांचें। अगर हवा बहुत खराब है, तो लंबे समय तक बाहर रहने, खासकर व्यायाम करने या खुले में ज्यादा समय बिताने से बचना बेहतर है।
सर्दियों में सुबह और शाम प्रदूषण की स्थिति कई बार खराब हो सकती है। ऐसे में खुले में लंबे समय तक घूमने के बजाय जरूरी काम निपटाकर घर लौटना एक आसान सावधानी हो सकती है।
कहीं भी बाहर जाते वक्त मास्क जरूर लगाकर जाएं साथ ही साथ कोशिश करें की आप वाहन चलाते समय खिड़कियां बंद रखना और ट्रैफिक वाले इलाकों में लंबे समय तक रुकने से बचना भी मददगार हो सकता है।
सिर्फ बाहर का प्रदूषण ही चिंता का विषय नहीं है। घर के अंदर धुआं, धूल, अगरबत्ती या तंबाकू का धुआं भी हवा की गुणवत्ता प्रभावित कर सकता है। इसलिए घर में धूम्रपान से बचें और पर्याप्त वेंटिलेशन रखें। एयर प्यूरीफायर भी लगा सकते हैं।
रोजाना शारीरिक गतिविधि जरूरी है, लेकिन बहुत खराब हवा में खुले मैदान या सड़क किनारे व्यायाम करना सही विकल्प नहीं हो सकता। ऐसे दिनों में घर के अंदर हल्की गतिविधि या व्यायाम का विकल्प चुना जा सकता है।
प्रदूषण के दिनों में लगातार खांसी, घरघराहट, सीने में जकड़न या सांस फूलने जैसी परेशानी हो तो इसे सामान्य समझकर न छोड़ें। खासकर अस्थमा या दूसरी सांस की बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार सावधानी रखनी चाहिए।