21 जून को ही क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन, जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह

ये तो आप जानते ही होंगे कि 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है, जिसे 'ग्रीष्म संक्रांति' (Summer Solstice) कहा जाता है। लेकिन क्या आपको ये पता है कि इसके पीछे कि वैज्ञानिक कारण क्या है? अगर आपको नहीं पता तो चलिए आज हम आपको बताते हैं।

Curated by: अंकिता पाण्डेयUpdated Jun 20 2025, 17:06 IST
​सबसे बड़ा दिन​Image Credit : Canva01 / 05

​सबसे बड़ा दिन​

ये तो आप जानते ही होंगे कि 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है, जिसे 'ग्रीष्म संक्रांति' (Summer Solstice) कहा जाता है। लेकिन क्या आपको ये पता है कि इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है?

पृथ्वी और सूर्यImage Credit : Canva02 / 05

पृथ्वी और सूर्य

इस दिन पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि सबसे अधिक होती है और रात सबसे छोटी। यह खगोलीय घटना पृथ्वी के झुकाव और सूर्य के चारों ओर इसकी परिक्रमा के कारण होती है।

दिन की अवधिImage Credit : Canva03 / 05

दिन की अवधि

पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5° झुकी हुई है, इसलिए सूरज की किरणें साल में कुछ समय उत्तरी गोलार्ध की ओर सीधे आती हैं। 21 जून के आस-पास ये किरणें कर्क रेखा (Tropic of Cancer) पर सीधी पड़ती हैं। इससे दिन की अवधि सबसे ज्यादा हो जाती है।

​सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात​Image Credit : Canva04 / 05

​सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात​

इस दिन उत्तरी गोलार्ध में दिन लगभग 15 घंटे तक चलता है - जैसे वॉशिंगटन डी.सी. में करीब 14 घंटे 54 मिनट दिन रहता है। जबकि दूसरी तरफ, दक्षिणी गोलार्ध को उसी समय सबसे छोटा दिन (यानि सबसे लंबी रात) मिलता है।

​दिन छोटा होना शुरू होता है​Image Credit : Canva05 / 05

​दिन छोटा होना शुरू होता है​

21 जून के बाद सूर्य की सीधी किरणें धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकने लगती हैं और दिन की अवधि कम होने लगती है। ऐसा दिसंबर तक चलता है, जब फिर 23 दिसंबर के आसपास से दिन सबसे छोटा हो जाता है।

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