दो साल की उम्र में बच्चे तेजी से बढ़ते हैं और नई चीजें सीखते हैं। इस दौरान उनकी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। बच्चों की इम्युनिटी मजबूत करने के लिए किसी खास टॉनिक या सप्लीमेंट की बजाय उनकी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना चाहिए। जिनमें पौष्टिक खाना शामिल है। बच्चों की डाइट में दाल, चावल, हरी सब्जियां, फल, दही जरूर शामिल करें।
सेब, केला, पपीता, संतरा और मौसमी जैसे फल बच्चों के लिए अच्छे विकल्प हैं। इनमें विटामिन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं। फल अच्छी तरह धोकर और बच्चे की चबाने की क्षमता के अनुसार काटकर दें।
दो साल के बच्चों को आमतौर पर दिन और रात मिलाकर 11 से 14 घंटे की नींद की जरूरत होती है। अच्छी नींद उनके विकास और प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। रोजाना सोने और जागने का समय लगभग एक जैसा रखें।
बच्चे को खाना खाने से पहले, टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद और बाहर से आने पर हाथ धुलवाएं। साबुन और पानी से हाथ धोना संक्रमण फैलने का खतरा कम करने में मदद करता है। बच्चे के खिलौनों और खाने के बर्तनों को भी साफ रखें।
बच्चों को सुरक्षित जगह पर दौड़ने, चलने, गेंद से खेलने और अपनी उम्र के अनुसार शारीरिक गतिविधियां करने दें। खेलना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अच्छा है।
बच्चे को दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी देते रहें। दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी उसकी जरूरतों के अनुसार डाइट में शामिल करें। मीठे पेय और पैकेट वाले जूस की जगह सादा पानी और साबुत फल बेहतर विकल्प हैं।
बच्चों को उम्र के अनुसार सभी जरूरी टीके लगवाना बेहद महत्वपूर्ण है। टीकाकरण कई गंभीर संक्रमणों से सुरक्षा देता है।