यूपीएससी परीक्षा क्रैक करने के बाद आईएएस चुने जाने वाले कैंडिडेट को कई अलग-अलग पदों से गुजरना होता है। इसमें कौन-कौन से पद शामिल हैं और किस पद पर कितने साल काम करना होता है इसकी डिटेल्स नीचे देख सकते हैं।
UPSC क्रैक करने के बाद मसूरी में ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। इस ट्रेनिंग के बाद एक आईएएस की सबसे पहली पोस्टिंग SDM या असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर होती है। इस पद पर 1 से 4 साल तक काम करना होता है।
एसडीएम के बाद एक IAS अधिकारी को ADM या डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पोस्टिंग होती है। इस पद पर 5 से 8 साल तक काम करना होता है। इस पद पर बेसिक सैलरी 56,100 रुपये होती है। इसके अलावा कई सरकारी भत्तों का लाभ भी मिलता है।
डिप्टी सेक्रेटरी के बाद आईएएस ऑफिसर को प्रमोट होकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या जॉइंट सेक्रेटरी या डिप्टी सेक्रेटरी का पद मिलता है। इसमें 9 से 12 साल तक काम करना होता है। इस पद पर बेसिक सैलरी 78,800 रुपये होती है।
एक IAS को डीएम के पद पर लंबा काम करना होता है। इसके बाद स्पेशल सेक्रेटरी कम डायरेक्टर के पद पर एक आईएएस ऑफिसर को प्रमोट किया जाता है। इस पद पर 13 से 16 साल की सर्विस पूरी करनी होती है। इसमें सैलरी 1,18,500 से शुरू होती है।
इसके बाद डिविजनल कमिश्नर या सेक्रेटरी कम कमिश्नर का पद मिलता है। एक आईएएस ऑफिसर को उसके करियर का 16 से 24 साल के बीच का समय इस पोस्ट पर गुजरना होता है। करीब 5 साल डिविजनल कमिश्नर के पद पर काम करने के बाद एडिशनल सेक्रेटरी या प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पद पर सर्विस देना होता है। इसपर सैलरी 1,82,200 रुपये होती है।
एक IAS का सबसे ऊंचा पद कैबिनेट सेक्रेटरी ऑफ इंडिया का होता है। जो ऑफिसर को उनके रिटायरमेंट के कुछ साल पहले मिलता है। इस पद पर 35 साल से ज्यादा अनुभव पर पोस्टिंग होती है। इस पद पर सैलरी 2,50,000 रुपये होती है।