IRENA के आंकड़ों के अनुसार, पूरे विश्व में सोलर एनर्जी के मामले में पहली रैंक प्राप्त करने वाला देश चीन है। इसकी सोलर पीवी ऊर्जा क्षमता 2025 के अंत तक करीब 1200 गीगावाट तक पहुंच गई थी।
आईईए रिन्यूवल्स 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि में 60 प्रतिशत का योगदान देता है। चीन ने 2030 तक पवन और सौर ऊर्जा की संयुक्त 1200 गीगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। लेकिन यह लक्ष्य उसने 6 साल पहले यानी 2024 में ही प्राप्त कर लिया था। चीन सोलर एनर्जी के मामले तेजी से प्रगति कर रहा है।
दुनिया में सबसे अधिक सोलर एनर्जी का उत्पादन करने के मामले में चीन के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का है।
IRENA द्वारा जारी नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2026 के अनुसार, सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत का वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान है। जी हां, 150 गीगावाट सौर ऊर्जा के महत्वपूर्ण योगदान के साथ इस लिस्ट में भारत ने अपनी जगह तीसरे नंबर पर बनाई है।
जी हां, दुनिया के सबसे बड़े सोलर एनर्जी संयंत्र में भारत का एक संयंत्र नहीं बल्कि 2 संयंत्र शामिल है। वहीं 3 चीन के है। आइए इन सभी के नाम जानते हैं।
दुनिया के 5 सबसे बड़े सोलर एनर्जी संयंत्र में गोंगहे तालाटन सोलर पार्क, चीन (15,600 मेगावाट/15.6 गीगावॉट), होबक सोलर पार्क, इनर मंगोलिया, चीन (4,000 मेगावाट/ 4 गीगावाट), भादरा सोलर पार्क, राजस्थान, भारत (2,245 मेगावाट/ 2.25 गीगावाट), हुआंगहे जलविद्युत हेनान सोलर पार्क , किंघाई, चीन (2,200 मेगावाट/ 2.2 गीगावाट), पावागड़ा सोलर पार्क , कर्नाटक, भारत (2,050 मेगावाट/ 2.05 गीगावाट) शामिल है।