उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य प्रशानसनिक सेवा परीक्षा को पास करना काफी कठिन माना जाता है और जो इसे पास करते हैं वो अन्य अभ्यर्थियों के लिए उदाहरण बन जाते हैं। वो कहते हैं ना- दुनिया में वहीं कुछ कर गुजरते हैं, असफलताओं से जिनका हौसला मजबूत होता है।
आज जिस महिला की कहानी हम आपको बताने वाले हैं उनका नाम है दिव्या सिकरवार। यूपी सरकार में एसडीएम दिव्या को दो बार असफलताओं का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरी बार में यूपी पीसीएस परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया।
उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली दिव्या सिकरवार ने यूपीपीसीएस 2022 एग्जाम (UPPSC 2022) में प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रचने का काम किया था। इससे पहले वे एक बार मुख्य परीक्षा से और एक बार इंटरव्यू से बाहर हो चुकी थीं लेकिन उन्होंने इस हार से हिम्मत नहीं टूटने दी।
आगरा जिले के एत्मादपुर ब्लॉक के गांव नागला रामी की निवासी दिव्या सिकरवार ने यूपीपीसीएस एग्जाम की तैयारी बिना कोचिंग के पास की और टॉपर बनीं। इसके लिए दिव्या सिकरवार ने सेल्फ स्टडी के माध्यम से ही तैयारी की।
दिव्या सिकरवार के पिता राजपाल सिंह बीएसएफ (BSF) से रिटायर हैं और वे अब गांव में खेती करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं जिनमें दिव्या सिकरवार सबसे बड़ी है।
दिव्या सिकरवार ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां के साथ अपने परिवार व अपने पिता को दिया। वे कहती हैं कि उनकी मां ने बहुत से परेशानियां देखने के बाद भी उनका साथ दिया।
दिव्या ने बताया कि तैयारी के समय उन्होंने मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल ही बंद कर दिया था और सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली थी।