भारत के बाहर कितने देशों में है CBSE बोर्ड, सबसे ज्यादा किस देश में?

Central Board of Secondary Education (CBSE) भारत का एक बड़ा और महत्वपूर्ण शिक्षा बोर्ड है, जो केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है। आपने हाल ही में सुना होगा कि सीबीएसई ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में परीक्षा कैसिंल कर दी, जिसके बाद बहुत से लोग जानना चाहते होंगे कि भारत के बाहर कितने देशों में है CBSE बोर्ड, सबसे ज्यादा किस देश में है?

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Mar 20 2026, 09:21 IST
भारत के बाहर कितने देशों में है CBSE बोर्ड, सबसे ज्यादा किस देश में?Image Credit : Canva01 / 07

भारत के बाहर कितने देशों में है CBSE बोर्ड, सबसे ज्यादा किस देश में?

Central Board of Secondary Education (CBSE) भारत का एक बड़ा और महत्वपूर्ण शिक्षा बोर्ड है, जो केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है। आपने हाल ही में सुना होगा कि सीबीएसई ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में परीक्षा कैसिंल कर दी, जिसके बाद बहुत से लोग जानना चाहते होंगे कि भारत के बाहर कितने देशों में है CBSE बोर्ड, सबसे ज्यादा किस देश में है?

सीबीएसई का कामImage Credit : Canva02 / 07

सीबीएसई का काम

इसकी स्थापना साल 1929 में हुई थी। यह बोर्ड देश के सरकारी और निजी स्कूलों को मान्यता देता है। पढ़ाई का सिलेबस तय करता है (जो NCERT पर आधारित होता है) और कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कराता है।

एक नजर यूपी बोर्ड परImage Credit : Canva03 / 07

एक नजर यूपी बोर्ड पर

शुरुआत में यूपी बोर्ड के अंतर्गत कई बड़े क्षेत्र आते थे, जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य भारत और ग्वालियर। लेकिन 1927 तक छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई, जिसे संभालना यूपी बोर्ड के लिए मुश्किल होने लगा। इसके बाद जरूरत महसूस की गई कि पूरे देश के लिए एक समान शिक्षा बोर्ड बनाया जाए।

हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड बना सीबीएसईImage Credit : Canva04 / 07

हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड बना सीबीएसई

इसके बाद 1929 में एक नए बोर्ड की स्थापना हुई, जिसका नाम 'हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड' रखा गया। इसका मुख्यालय अजमेर में था और यह कई राज्यों के स्कूलों को संभालता था। यही बोर्ड आगे चलकर Central Board of Secondary Education (CBSE) बना।

1952 में मिला सीबीएसई नामImage Credit : Canva05 / 07

1952 में मिला सीबीएसई नाम

इस बोर्ड ने पहली बार 1930 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आयोजित कराईं। शुरुआत में इसका दायरा अजमेर, मारवाड़, मध्य भारत और ग्वालियर तक ही सीमित था। बाद में 1952 में इसका नाम बदलकर CBSE कर दिया गया।

28 देशों में है फैलाImage Credit : Canva06 / 07

28 देशों में है फैला

आज CBSE देश का एक प्रमुख शिक्षा बोर्ड है। भारत में इसके करीब 27,000 स्कूल जुड़े हुए हैं और विदेशों के लगभग 28 देशों में भी इसके 240 से ज्यादा स्कूल हैं। सऊदी अरब, यूएई, ओमान और कतर जैसे देशों में भी CBSE स्कूल मौजूद हैं। बता दें, भारत के बाहर सबसे ज्यादा CBSE (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) से संबद्ध स्कूल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हैं। यूएई में 100 से अधिक CBSE स्कूल हैं

CBSE की स्थापनाImage Credit : Canva07 / 07

CBSE की स्थापना

भारत में शिक्षा बोर्ड बनाने की शुरुआत 19वीं सदी में ही हो गई थी। 1917 में कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग बना, जिसके बाद अलग-अलग राज्यों में शिक्षा बोर्ड बनने लगे। सबसे पहले 1921 में यूपी बोर्ड शुरू हुआ और उसके कुछ साल बाद 1929 में CBSE की स्थापना हुई।

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