NMRC के मुताबिक, मेट्रो सेवा को बॉटैनिकल गार्डन स्टेशन से आगे बढ़ाकर नोएडा सेक्टर-142 तक ले जाया जाएगा। यह विस्तार पूर्व और पश्चिम नोएडा को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा और सार्वजनिक परिवहन की एक बड़ी कमी को दूर करेगा।
बॉटैनिकल गार्डन स्टेशन पहले से ही दिल्ली मेट्रो और नोएडा मेट्रो का प्रमुख इंटरचेंज है। नए कॉरिडोर के जुड़ने से इसकी अहमियत और बढ़ेगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
नोएडा का सेक्टर-142 तेजी से एक बड़े रोजगार केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां कई आईटी पार्क और कॉर्पोरेट ऑफिस पहले से मौजूद हैं। मेट्रो विस्तार से यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को सीधी और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
परियोजना की रूट प्लानिंग में भूमि उपयोग, ट्रैफिक दबाव और यात्रियों की जरूरतों का गहन अध्ययन किया गया है। इंजीनियरों ने ऐसा अलाइनमेंट चुना है जिससे यात्रा समय कम हो और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो।
इस मेट्रो विस्तार से लोगों का झुकाव निजी वाहनों से हटकर सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ेगा। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
NMRC ने बताया कि सर्वे और तकनीकी मंजूरी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि किसी तरह की देरी न हो। लक्ष्य है कि 2026 की शुरुआत तक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाए।
मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से सेक्टर-142 और आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट की मांग बढ़ने की उम्मीद है। आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमतों में इजाफा हो सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।