सैलरी पाने वाले हर कर्मचारी का PF अकाउंट होता है, जिसे EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) मैनेज करता है। आपकी बेसिक सैलरी का 12% हर महीने PF में जमा होता है और उतना ही योगदान आपकी कंपनी की तरफ से भी किया जाता है। यानी PF एक तरह की अनिवार्य बचत है, जो आगे चलकर आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग और पेंशन की नींव बनती है।
नहीं। EPFO के नियमों के अनुसार, नौकरी छोड़ने या छूट जाने पर भी PF अकाउंट बंद नहीं होता। आपका PF खाता तब तक सक्रिय रहता है जब तक उसमें बैलेंस है और आपकी उम्र 58 साल से कम है। इस दौरान अकाउंट पर नियमित ब्याज भी मिलता रहता है। यानी आपका पैसा वहीं सुरक्षित रहता है और बढ़ता भी रहता है।
EPFO के नियमों के अनुसार, अगर आप नौकरी छोड़ देते हैं तो आपका PF अकाउंट तुरंत इनएक्टिव नहीं होता। नौकरी छूटने के बाद पहले तीन साल तक आपके PF पर नियमित रूप से ब्याज मिलता रहता है, चाहे इस दौरान आपके खाते में कोई नया योगदान न आए।
लेकिन अगर लगातार तीन साल तक आपके PF अकाउंट में कोई नया योगदान नहीं होता, तो इसे इनऑपरेटिव अकाउंट माना जाता है। इस स्थिति में चौथे साल से आपके PF बैलेंस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, हालांकि पहले से जमा आपका पैसा और उस पर पहले मिला ब्याज पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
मान लीजिए आपने नवंबर 2025 में अपनी नौकरी छोड़ी है और उसके बाद किसी नई नौकरी में योगदान नहीं किया। ऐसी स्थिति में आपका PF अकाउंट अगले तीन साल तक, यानी नवंबर 2028 तक, नियमित ब्याज प्राप्त करता रहेगा। लेकिन नवंबर 2028 के बाद आपके खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा।
EPFO 58 साल को रिटायरमेंट की उम्र मानता है। इसलिए 58 साल के बाद PF अकाउंट पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता। माना जाता है कि व्यक्ति इस उम्र तक अपनी PF सेविंग निकाल लेगा। इसीलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 58 की उम्र के बाद PF पैसा निकाल लें या पेंशन में ट्रांसफर कर दें।
अगर नौकरी चली गई है, तो चिंता की जरूरत नहीं है। PF का पैसा आपका है और सुरक्षित रहता है। बेरोजगारी की स्थिति में EPFO पैसे निकालने की सुविधा भी देता है।
सरकार ने PF निकालने के नियम पहले से कहीं आसान बना दिए हैं। अब यदि आपकी नौकरी छूट जाती है, तो आप अपने PF बैलेंस का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं, जिससे शुरुआती बेरोजगारी के समय आपको आर्थिक सहारा मिल जाता है। बाकी 25% राशि आप एक साल बाद निकाल सकते हैं, अगर तब तक भी नई नौकरी नहीं मिली हो।
अगर आप नई नौकरी जॉइन कर रहे हैं, तो अपने PF अकाउंट को बंद करने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय, उसी UAN नंबर पर अपने नए एम्प्लॉयर के जरिए PF को ट्रांसफर कर देना ही सबसे सही और सुरक्षित तरीका है। ऐसा करने से आपका पूरा PF बैलेंस एक ही जगह पर बना रहता है, ब्याज लगातार जुड़ता रहता है और रिटायरमेंट तक एक बड़ी रकम तैयार हो जाती है।