नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए से अलग हुई लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) का प्रदर्शन निराश करने वाला है। एलजेपी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली है। राग पासवान के लिए इसे झटका कहा जा सकता है। चुनाव के दौरान वो दावा करते रहे कि 10 नवंबर के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे।
लेकिन अभी एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है। हालांकि जेडीयू को नुकसान होता दिख रहा है, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है। लेकिन बीजेपी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी दल को कितनी सीटें मिलें, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे।
चिराग पासवान दावा करते थे कि चुनाव के बाद बीजेपी के साथ मिलकर लोजपा सरकार बनाएगी और मुख्यमंत्री भाजपा का होगा। लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा।
हालांकि एलजेपी सिर्फ 2 सीटों पर आगे हों, लेकिन उसका वोट शेयर ठीक ठाक है। लोजपा को 6 प्रतिशत के करीब वोट मिलते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि उसने कई जगह पर जेडीयू को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। चुनाव से पहले पासवान ने अपने वोटर्स से अपील की थी कि जहां लोजपा के उम्मीदवार न हों, वहां वो बीजेपी को वोट करें।

