नवरात्रि नौ रातों के समूह को कहते हैं जिसमें देवी मां का व्रत-पूजन किया जाता है। ये पर्व आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने के साथ-साथ तन-मन के शुद्धिकरण का भी होता है। शक्ति के विभिन्न रूप जीवन के विभिन्न पहलुओं और ऊर्जा के अलग-अलग रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी आराधना से मनुष्य को सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
प्रतिपदा | माता शैलपुत्री
11
द्वितीया | माता ब्रह्मचारिणी
12
तृतीया | मां चंद्रघण्टा
13
चतुर्थी | माता कुष्मांडा
14
पंचमी | स्कंदमाता
15
षष्ठी | कात्यायनी
16
सप्तमी | कालरात्रि
17
अष्टमी | महागौरी
18
नवमी | सिद्धिदात्री
19
नवरात्रि नौ रातों के समूह को कहते हैं जिसमें देवी मां का व्रत-पूजन किया जाता है। ये पर्व आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने के साथ-साथ तन-मन के शुद्धिकरण का भी होता है। शक्ति के विभिन्न रूप जीवन के विभिन्न पहलुओं और ऊर्जा के अलग-अलग रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी आराधना से मनुष्य को सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
माता शैलपुत्री नवदुर्गा में प्रथम देवी हैं और हिमालय की पुत्री होने के कारण उन्हें यह नाम मिला। इनकी पूजा से मन और आत्मा की शुद्धि होती है।