Lakhimpur Kheri हिंसा पर सिद्धार्थ नाथ सिंह बोले-लाशों के ऊपर 2022 का राजनीतिक सफर तय नहीं करने देंगे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 4, 2021, 11:34 AM IST

Lakhimpur Kheri Violence: यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष लाशों के ऊपर 2022 का राजनीतिक सफर तय करना चाहता है लेकिन ऐसा नहीं होगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

लखनऊ : लखीमपुर खीरी हिंसा पर विपक्ष के हमलों एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की हिरासत पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेता 'राजनीतिक पर्यटन' पर आई हैं। वह पहले भी ऐसा कर चुकी हैं। सिंह ने सोमवार को कहा कि विपक्ष के लोग जांच को प्रभावित और लोगों के बीच एक राय बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। घटना के अभी 24 घंटे भी नहीं बीते कि इस मुद्दे पर राजनीति की जाने लगी है। 

विपक्ष को कम से कम 24 घंटे रुक जाना चाहिए था-सिंह

उन्होंने कहा, 'विपक्ष लाशों के ऊपर 2022 का राजनीतिक सफर तय करना चाहता है लेकिन ऐसा नहीं होगा। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। हमारी संवेदनशील सरकार है और गहराई से इसकी जांच की जा रही है। सीएम ने खुद कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी है उसे बख्शा नहीं जाएगा।' बता दें कि रविवार को लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विपक्ष योगी सरकार पर  हमलावर हो गया है। प्रियंका गांधी रविवार रात लखनऊ से लखीमपुर के लिए रवाना हुईं लेकिन पुलिस ने उन्हें सीतापर में हिरासत में ले लिया। 

सपा अध्यक्ष को हिरासत में लिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए लखीमपुर जाने वाले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें भी रोक लिया। इसके बाद वह लखनऊ में अपने आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने अखिलेश को भी हिरासत में लिया। अखिलेश ने पीड़ित परिजनों को दो करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। अखिलेश को हजरगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ की गाड़ी में ले जाया गया। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। 

रविवार को हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत

दरअसल, लखीमपुर खीरी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के विरोध में रविवार को वहां के आंदोलित किसानों ने टेनी के पैतृक गांव बनबीरपुर में आयोजित एक समारोह में उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध किया और इसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री मिश्रा का बेटा जिस एसयूवी में सवार था, उसी ने किसानों को कुचल दिया। हालांकि मिश्रा ने आरोप को खारिज किया है।

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