Purvanchal Expressway: सपा की रथयात्रा को इजाजत नहीं, उद्घाटन से पहले सियासत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 16, 2021, 09:52 AM IST

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर गाजीपुर से आजमगढ़ तक सपा और सुभासपा के नेता रथयात्रा निकालना चाहते थे। लेकिन प्रशासन की तरफ से उन्हें अनुमति नहीं मिली।

Purvanchal Expressway: सपा की रथयात्रा को इजाजत नहीं, उद्घाटन से पहले सियासत

पीएम नरेंद्र मोदी देश को अब तक के सबसे लंबे लखनऊ- गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को सौगात देने जा रहे हैं। यह एक्सप्रेसव सिर्फ सड़क नहीं है बल्कि इसमें राजनीतिक दल अपने लिए अवसर भी ढूंढ रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और एसपी में होड़ लगी है कि आखिर वो कौन सा दल है जिसने विकास के पहिए को रफ्तार देने वाले इस एक्सप्रेस वे को मुकाम तक पहुंचाया। पीएम मोदी सुल्तानपुर में इसका विधिवत उद्घाटन करने वाले हैं को एसपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर गाजीपुर से आजमगढ़ तक रथयात्रा निकालने वाले थे जिसे प्रशासन की तरफ से इजाजत नहीं मिली है।

गाजीपुर से आजमगढ़ तक थी रथयात्रा
गाजीपुर जिला प्रशासन से कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए रथयात्रा की इजाजत नहीं दी। बता दें कि समाजवादी पार्टी की तरफ से यह बयान जारी किया गया था कि जिस दिन पीएम एक्सप्रेस वे को औपचारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे उसी दिन समाजवादी पार्टी सांकेतिक उद्घाटन करेगी। समाजवाजी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हमेशा यह सवाल करते रहे हैं कि बीजेपी की सरकार ने आखिर किया ही क्या। जो कुछ उनकी सरकार ने किया उसके श्रेय को लेने की कोशिश की गई। बीजेपी सिर्फ फीता काटने में भरोसा करती है। 

क्या कहते हैं जानकार
जानकारों का कहना है कि जिस तरह से समाजवादी पार्टी की तरफ से गाजीपुर को रथयात्रा के लिए चुना गया और उसमें उनके साथ सुभासपा होती उसके पीछे राजनीतिक मकसद है। दरअसल समाजवादी पार्टी यह संदेश देने की कोशिश करती है वो सामाजिक न्याय के साथ साथ आधुनिक नजरिए को लेकर भी चलती है। उसके लिए समाज के उन वर्गों की चिंता है जो सदियों से उपेक्षित रहे हैं। 

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