करीब ढाई महीने बाद खुले मंदिरों के पट, गोरखनाथ मंदिर में CM योगी आदित्यनाथ ने की पूजा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 8, 2020, 08:44 AM IST

Yogi Adityanath: 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के बाद आज से देश में मंदिरों को खोलने की अनुमति मिली है। आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।

करीब ढाई महीने बाद खुले मंदिरों के पट, गोरखनाथ मंदिर में CM योगी आदित्यनाथ ने की पूजा
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: आज से देश के कई हिस्सों में एक बार फिर धार्मिक स्थल खुल गए हैं। देशभर से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां लोग  फिर से मंदिरों में दिख रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। 

इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा ड्यूटी रूम एवं वॉर्डों को देखा और साफ-सफाई, चिकित्सकीय व्यवस्था एवं दवाओं की उपलब्धता आदि की जानकारी ली। योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि मरीजों के बेहतर इलाज में कोई कमी न हो और उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से कोरोना सैम्पल्स की जांच की जानकारी भी प्राप्त की। 

कई नियमों का करना होगा पालन

देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया, तभी से सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया था। लेकिन अब देश लॉकडाउन से अनलॉक की ओर बढ़ गया है, जिसमें सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी गई है। हालांकि अब दर्शन पहले से थोड़े अलग होंगे। कई नियमों का पालन करना होगा भक्‍तगण को मंदिर में घंटियां बजाने की अनुमति नहीं है और न ही प्रसाद या पूजा की अन्‍य सामग्री ले जाने की। श्रद्धालुओं पर गंगाजल भी नहीं छिड़का जाएगा और न ही माथे पर तिलक लगाया जाएगा। 

मूर्तियों को छूने की अनुमति नहीं

देशभर से मंदिरों और मस्जिदों की तस्वीरें सामने आई हैं, जहां लोग दर्शन के लिए पहुंचे। लोग मास्क लगाए हुए हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी की जा रही है। मंदिरों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की थी, जिसके मुताबिक धार्मिक स्थलों पर प्रसाद बांटने, पवित्र जल का छिड़काव करने और मूर्तियों को छूने की अनुमति नहीं होगी।

सैनिटाइजर मशीन को लेकर विवाद

वहीं धार्मिक स्थलों के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन पर भोपाल मां वैष्णवधाम नव दुर्गा मंदिर के पुजारी ने कहा था, 'शासन का कार्य है गाइडलाइन जारी करना लेकिन मैं मंदिरों में सैनिटाइजर मशीन के विरोध में हूं क्योंकि इसमें अल्कोहल होता है। हम शराब पीकर जब मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं तो अल्कोहल से हाथ सैनिटाइज करके कैसे घुस सकते हैं। आप हाथ धोने की मशीन सभी मंदिरों के बाहर लगाइए, वहां पर साबुन रखिए उसको हम स्वीकार करते हैं। वैसे भी मंदिर में तो व्यक्ति घर से नहा कर ही प्रवेश करता है।' 

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