Marriage Graduation in Hindi: शादीशुदा जिंदगी में उतार चढ़ाव आता रहता है। कई बार हालात ऐसे होते हैं जिन्हें संभाल लिया जाता है। कई बार ऐसे हालात बनते हैं कि शादी बच नहीं पाती है। कपल्स तलाक के मुहाने पर नजर आते हैं। इन दिनों एक नया ट्रेंड चल रहा है। लोग तलाक नहीं ले रहे हैं, लेकिन पति-पत्नी के रिश्ते से आजाद हो जा रहे हैं। यह ट्रेंड जापान से शुरू हुआ और धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी पैर पसार रहा है। बिना तलाक लिये अलग होने के इस नए ट्रेंड को मैरिज ग्रेजुएशन (Marriage Graduation) कहा जा रहा है। जापान में इसे सोत्सुकॉन (Sotsukon) कहा जा रहा है।
मैरिज ग्रेजुएशन क्या है? (What is Marriage Graduation)
मैरिज ग्रेजुएशन या सोत्सुकॉन में पति-पत्नी आपसी सहमति से अलग होने का फैसला करते हैं। ये लोग तलाक नहीं लेते। बस अलग-अलग अपनी जिंदगी जीने का फैसला कर लेते हैं। जैसे हम किसी कॉलेज में एडमिशन लेते हैं और फिर ग्रेजुएट होकर वहां से निकल जाते हैं, उसी तरह से ये लोग शादीशुदा जिंदगी से आजाद हो जाते हैं तो उसे मैरिज ग्रेजुएशन कह रहे हैं
मैरिज ग्रेजुएशन में होता क्या है (How Marriage Graduation works)
इस तरह के सेपरेशन में कपल्स के बीच से पति-पत्नी का रिश्ता खत्म हो जाता है। दोनों अपने खर्चे और अपनी जिम्मेदारियां खुद देखते हैं। कई बार लोग मैरिज ग्रेजुएशन के बाद एक ही घर में रूम मेट्स की तरह रहते हैं तो कई बार लोग अपना अलग ठिकाना बना लेते हैं। हालांकि अलग-अलग हो जाने के बाद भी दोनों मिलते जुलते और एक दूसरे की मदद करते रहते हैं।
मैरिज ग्रेजुएशन के फायदे (Benefits of Marriage Graduation)
भले मैरिज ग्रेजुएशन भी तलाक की ही तरह शादी खत्म करने का तरीका है, लेकिन यह डिवोर्स से काफी अलग है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि ना तो इसमें किसी तरह का कानूनी तामझाम होता है और ना ही फिजूल का खर्च। यहां होता ये है कि पति-पत्नी को अलग होना है तो वो एक साथ बैठकर अपनी राहें जुदा कर लेते हैं। मैरिज ग्रेजुएशन में शादी भले खत्म हो जाए लेकिन कोई कड़वाहट या तनाव नहीं रहता। लोग आपसी सहमति से एक दूसरे के साथ रिश्ता भी बनाए रख सकते हैं।
