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मिस यूनिवर्स 2025 विवाद: कैसे अपमान, हंगामे और वॉकआउट से हिल गई सौंदर्य प्रतियोगिता की दुनिया

The Miss Universe 2025 Controversy: मिस यूनिवर्स 2025 इन दिनों बड़े विवाद में घिरी हुई है। मिस ग्रैंड इंटरनेशनल (MGI) के सीईओ के अनुचित व्यवहार के बाद कई प्रतिभागियों के इस पेजेंट से वॉकआउट की खबरें आ रही हैं। वैसे मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के साथ विवाद अब आम हो चुके हैं। 2024 में भारत की पहली MGI विजेता रेशल गुप्ता ने भी संगठन पर कुप्रबंधन और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए अपना ताज सरेंडर कर दिया था। जानें मिस यूनिवर्स 2025 से जुड़ा पूरा विवाद और क्या भारत को आगे इस प्रतियोगिता की मेजबानी करनी चाहिए?

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क्या है मिस यूनिवर्स 2025 से जुड़ा विवाद

The Miss Universe 2025 Controversy: मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता इस समय बड़े विवाद में घिरी हुई है। आरोप है कि मिस ग्रैंड इंटरनेशनल (MGI) के सीईओ और मिस यूनिवर्स थाईलैंड होस्ट कमेटी के चेयरमैन नवात इत्साराग्रिसिल ने कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिभागियों के साथ अनुचित व्यवहार किया और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

मिस यूनिवर्स 2025 का आयोजन थाईलैंड में हो रहा है। शुरूआती कार्यक्रमों में सैशिंग सेरेमनी के दौरान 122 प्रतिभागी मौजूद थे, जिनमें मौजूदा मिस यूनिवर्स विक्टोरिया कजैर थेल्विग भी शामिल थीं। इसी दौरान नवात ने कथित तौर पर मिस यूनिवर्स मैक्सिको फातिमा बॉश को 'डम्ब' कह दिया। इससे नाराज होकर बॉश और कई अन्य कंटेस्टेंट्स सेरेमनी से वॉकआउट कर गईं।

कैसे शुरू हुआ विवाद

रिपोर्ट्स के अनुसार, मिस यूनिवर्स की प्रतिभागियों को पेजेंट से जुड़े कुछ प्रमोशनल वीडियो शूट करने के लिए कहा गया था। जब मैक्सिको की फातिमा बॉश ने इसकी जानकारी अपने नेशनल डायरेक्टर से शेयर करने को कहा तो नवात ने उन्हें सबके सामने डांटा और सहयोग न करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि अगर वो हर चीज डायरेक्टर से पूछकर करती हैं तो वह 'Dumb' हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने अन्य हिचकिचाने वाली प्रतिभागियों को भी मूर्ख कहा और डिसक्वालिफिकेशन की धमकी दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बॉश नवात का सामना करते हुए कहती दिखती हैं- हम आपका सम्मान करते हैं, जैसे आपको हमारा करना चाहिए। मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हूं, और ये मेरी गलती नहीं कि आपको हमारी ऑर्गनाइजेशन से समस्या है।

इस पर नवात का जवाब था - आप पहले मेरी बात सुनें, मैंने आपको बोलने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद नवात ने सुरक्षा कर्मियों को बुला लिया। इसके बाद बॉश वहां से वॉकआउट कर गईं। खबर है कि इक्वाडोर, बांग्लादेश और मौजूदा मिस यूनिवर्स थेल्विग सहित कई प्रतिभागियों ने उनके समर्थन में वॉकआउट किया।

मामला बढ़ता देखकर मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन ने बाद में बयान जारी कर नवात के व्यवहार की निंदा की। साथ ही अपनी ओर से जारी बयान में कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान और गरिमा हमारे मूल मूल्य हैं, और इसमें किसी तरह का समझौता उनको स्वीकार नहीं होगा।

बार-बार विवादों में घिरा MGI

वैसे यह पहली बार नहीं है जब नवात का नाम विवादों में आया हो। उनकी पेजेंट मिस ग्रैंड इंटरनेशनल पर पहले भी बॉडी-शेमिंग, फेवरिटिज्म और पारदर्शिता ना बरतने के आरोप लग चुके हैं। 2024 में भारत की पहली MGI विजेता रेशल गुप्ता ने संगठन पर कुप्रबंधन और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए अपना ताज लौटा दिया था। इसी के साथ ही मिस यूनिवर्स का संचालन करने वाला संगठन अचानक डिथ्रोनमेंट्स और सख्त कॉन्ट्रैक्ट शर्तों को लेकर भी आलोचना झेलता रहा है।

हाल में यह भी सामने आया है कि मिस यूनिवर्स की प्रतिभागियों को ऐसे ब्रांड्स प्रमोट करने के लिए कहा गया जिनका संबंध ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म से बताया जा रहा है। यह कदम पहले से वित्तीय संकट झेल रहे मिस यूनिवर्स संगठन पर नए सवाल खड़े करता है।

क्या भारत को मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2026 होस्ट करना चाहिए?

भारत 2026 में मिस ग्रैंड इंटरनेशनल की मेजबानी करने वाला है। यह आयोजन वैश्विक ध्यान तो आकर्षित करेगा, लेकिन भारत की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा सकता है।

नवात की हालिया हरकतों और MGI पर चल रही आलोचनाओं को देखते हुए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भारत को ऐसे संगठन से जुड़ना चाहिए जिस पर बार-बार महिलाओं के अनादर, पक्षपात और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगते रहे हैं। बेशक बिना ठोस सुरक्षा उपायों के इस आयोजन की मेजबानी भारत के पेजेंट इकोसिस्टम के लिए जोखिम भरा कदम साबित हो सकती है।

वैश्विक पेजेंट इंडस्ट्री के लिए चेतावनी

मिस यूनिवर्स 2025 का यह विवाद सिर्फ एक स्कैंडल नहीं, बल्कि ग्लोबल ब्यूटी पेजेंट्स के लिए भी चेतावनी है। आज जब महिलाएं अपनी बुद्धि, उद्देश्य और सामाजिक कार्यों के लिए पहचानी जाती हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार का अपमानजनक व्यवहार उन तमाम मूल्यों के खिलाफ है - जिनका दावा ये मंच करते हैं।

यह घटना दिखाती है कि पेजेंट इंडस्ट्री को अब पारदर्शिता, सम्मान और वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर सुधार की जरूरत है।

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