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Shakeel Azmi Shayari: इस बार उस की आँखों में इतने सवाल थे, मैं भी सवाल बन के सवालों में रह गया.., पढ़ें शकील आजमी की शायरी

Shakeel Azmi Shayari in Hindi: शकील आजमी की कलम में ऐसा जादू है कि उससे निकले शेर सीधे सुनने-पढ़ने वालों के दिल पर दस्तक देते हैं। शकील आजमी ने अपनी शायरी में जीवन के हर रंग को अल्पाज दिये हैं। पढ़ें शकील आजमी के चुनिंदा शेर:

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Shakeel Azmi Shayari in Hindi (शकील आज़मी शायरी)

Shakeel Azmi Shayari in Hindi: शकील आजमी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सहरिया के रहने वाले हैं। शकील एक बेहतरीन गीतकार, संजीदा लेखक और बाक़माल शायर हैं। वह थप्पड़, आर्टिकल-15, मुल्क और तुम बिन 2 जैसी कई फिल्मों के लिए गीत भी लिख चुके हैं। वह पिछले करीब 15 सालों से बॉलीवुड में एक्टिव हैं। बतौर लेखक शकील आजमी 6 किताबें लिख चुके हैं। शकील आजमी जितने बढ़िया फिल्मी गीत लिखते हैं उससे भी ज्यादा कमाल के शायर हैं। अनगिनत अंतरराष्ट्रीय मुशायरों में इनकी शिरकत हो चुकी है। पेश हैं शकील आज़मी की कलम से निकले कुछ चुनिंदा शेर:

1. हार हो जाती है जब मान लिया जाता है

जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है

2. अपनी मंज़िल पे पहुँचना भी खड़े रहना भी

कितना मुश्किल है बड़े हो के बड़े रहना भी

3. ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर

बारिशें हों तो भीग जाया कर

4. मैं सो रहा हूँ तिरे ख़्वाब देखने के लिए

ये आरज़ू है कि आँखों में रात रह जाए

5. जाने कैसा रिश्ता है रहगुज़र का क़दमों से

थक के बैठ जाऊँ तो रास्ता बुलाता है

6. बात से बात की गहराई चली जाती है

झूट आ जाए तो सच्चाई चली जाती है

7. भूक में इश्क़ की तहज़ीब भी मर जाती है

चाँद आकाश पे थाली की तरह लगता है

8. बस इक पुकार पे दरवाज़ा खोल देते हैं

ज़रा सा सब्र भी इन आँसुओं से होता नहीं

9. इस बार उस की आँखों में इतने सवाल थे

मैं भी सवाल बन के सवालों में रह गया

10. हर घड़ी चश्म-ए-ख़रीदार में रहने के लिए

कुछ हुनर चाहिए बाज़ार में रहने के लिए

11. तुम्हारी मौत ने मारा है जीते-जी हम को

हमारी जान भी गोया तुम्हारी जान में थी

12. मुझ को बिखराया गया और समेटा भी गया

जाने अब क्या मिरी मिट्टी से ख़ुदा चाहता है

13. जब तलक उस ने हम से बातें कीं

जैसे फूलों के दरमियान थे हम

14. कुछ दिनों के लिए मंज़र से अगर हट जाओ

ज़िंदगी भर की शनासाई चली जाती है

15. बिछड़ के भी वो मिरे साथ ही रहा हर दम

सफ़र के बा'द भी मैं रेल में सवार रहा

16. आज आँखों में कोई रात गए आएगा

आज की रात ये दरवाज़ा खुला रहने दे

17. मेरे होंटों पे ख़ामुशी है बहुत

इन गुलाबों पे तितलियाँ रख दे

उम्मीद करते हैं कि शकील आजमी की कलम से निकले ये बेहतरीन शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। शकील ने इन शायरियों में जीवन के हर रंग को अल्फाज दिये हैं। आप अपने हिसाब से अपने लिए कोई भी शायरी चुन सकते हैं और सोशल मीडिया के जरिए लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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