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Ratan Tata Last Speech: तेजी से वायरल हो रहा रतन टाटा का अंतिम भाषण, हिंदी में बोल जीत लिया था सबका दिल, देखते रह गए थे पीएम नरेंद्र मोदी

Ratan Tata Last Speech in Hindi: वीडियो में रतन टाटा कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए अंग्रेजी में बोलूंगा...। कुछ देर अंग्रेजी में बोलने के बाद रतन टाटा खुद को रोक न सके। टूटी-फूटी ही सही, पर हिंदी में बोलने लगे।

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Ratan Tata Last Speech in Hindi (रतन टाटा का अंतिम भाषण)

Ratan Tata Last Speech in Hindi: टाटा सन्स के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का 9 अक्टूर की रात निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। रतन टाटा 89 वर्ष के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। हालांकि जब वह आईसीयू में गए उससे पहले ही उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वह रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल आए हैं। लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने हर भारतीय को दुख में डाल दिया। मीडिया से सोशल मीडिया तक में रतन टाटा को लोगों ने अपनी तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की है।

रतन टाटा के निधन के बाद सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो रतन टाटा की आखिरी पब्लिक स्पीच का है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि ठीक से हिंदी ना आते हुए भी उन्होंने हिंदी में भाषण दिया। वीडियो में रतन टाटा कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए अंग्रेजी में बोलूंगा...। कुछ देर अंग्रेजी में बोलने के बाद रतन टाटा खुद को रोक न सके। टूटी-फूटी ही सही, पर हिंदी में बोलने लगे। उम्र के असर के कारण उनकी आवाज में थरथराहट थी।

वीडियो 28 अप्रैल 2022 का है। मौका था असम में कैंसर अस्पतालों के उद्घाटन का था। इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शरमा भी मंच पर मौजूद थे। सरकार ने टाटा की हिस्सेदारी से इन कैंसर अस्पतालों का निर्माण कराया था इसीलिए रतन टाटा को भी आमंत्रित किया गया था।

तब 84 वर्ष के रतन टाटा अनाउंसर की मदद से किसी तरह माइक पर आए और उन्होंने दिल से बातें कहनी शुरू कीं। उन्होंने असम में कैंसर अस्पतालों के उद्घाटन को राज्य के इतिहास का बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि आज असम दुनिया को बता सकता है कि इंडिया का एक छोटा स्टेट कैंसर का इलाज कर सकता है....। टाटा ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मोदी सरकार को मैं थैंक्यू बोलता हूं कि वे असम को भूले नहीं और मैं उम्मीद करता हूं कि यह स्टेट आगे जाएगा। भारत का झंडा और इंडिया आगे बढ़ेगा।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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