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National Press Day 2025: बोल के लब आजाद हैं तेरे.., पत्रकारिता की ताकत और जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं ये पावरफुल कोट्स

National Press Day 2025: भारत राष्ट्रीय प्रेस दिवस का यह खास दिन भारतीय प्रेस परिषद मूल उद्देश्य को हमेशा बनाए रखने के लिए समर्पित है। यह दिन हमें प्रेस की स्वतंत्रता और उसके कर्तव्यों की याद दिलाता है।

national Press Day

नेशनल प्रेस डे कोट्स (Photo: iStock)

National Press Day 2025: हर साल 16 नवंबर को भारत राष्ट्रीय प्रेस दिवस ( नेशनल प्रेस डे ) मनाया जाता है। यह दिन भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए काफी महत्व रखता है। इसी दिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का गठन हुआ था। यह काउंसिल प्रेस की आजादी को बनाए रखने और पत्रकारिता को नैतिक दिशा देने के उद्देश्य से बनाया गया था। का काम करता है। भारत राष्ट्रीय प्रेस दिवस का यह खास दिन भारतीय प्रेस परिषद मूल उद्देश्य को हमेशा बनाए रखने के लिए समर्पित है। यह दिन हमें प्रेस की स्वतंत्रता और उसके कर्तव्यों की याद दिलाता है। सिर्फ इतना ही नहीं यह दिन पत्रकारिता के क्षेत्र में निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी की आवश्यकता को समझाता है।

पिछले कुछ समय में भारतीय पत्रकारिता ने कई नई उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत में पंजीकृत प्रकाशनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह 2004-05 में जहां 60,143 था वो अब 2024-25 में 1.54 लाख हो गई है। वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट 1955, प्रेस एवं पत्रिका पंजीकरण अधिनियम 2023 जैसे हालिया सुधारों के साथ, पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करता है और मीडिया विनियमन को आधुनिक बनाता है। प्रेस सेवा पोर्टल ने पत्रिका पंजीकरण को डिजिटल कर दिया है। इसने 40,000 प्रकाशकों को अपने साथ जोड़ा है। सिर्फ पिछले छह महीनों के भीतर ही 3,000 प्रेस पंजीकृत किए हैं।

आज नेशनल प्रेस डे के मौके पर आइए पढ़ते हैं वो कोट्स जो पत्रकारिता की जिम्मेदारी और ताकत दोनों का एहसास कराने के लिए काफी है:

1. पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है – इसे झुकाया नहीं जा सकता, दबाया नहीं जा सकता।

2. जहां प्रेस स्वतंत्र होती है, वहाँ जनता जागरूक होती है।

3. अगर कोई सच्चाई बोलने से डरता है, तो वह पत्रकार नहीं, प्रचारक है।

4. मुक्त मीडिया समाज का आईना होता है, जिसमें सच्चाई की तस्वीर झलकती है।

5. प्रेस की आज़ादी जनता की आवाज़ है – इसे खामोश करना, लोकतंत्र को खामोश करना है।

6. एक निष्पक्ष पत्रकार लाखों झूठों से बड़ा होता है।

7. जैसे ऑक्सीजन जीवन के लिए आवश्यक है, वैसे ही स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र के लिए।

8. जब मीडिया सच कहता है, तब सत्ता असहज हो जाती है – यही प्रेस की सबसे बड़ी जीत है।

9. एक कैमरा हजारों तलवारों से ज़्यादा शक्तिशाली होता है जब वह सच्चाई को कैद करता है।

10. पत्रकारिता का मकसद केवल खबर देना नहीं, समाज को आईना दिखाना है।

आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस के खास मौके पर ये कोट्स आप अपने किसी पत्रकार दोस्त को भेज सकते हैं। आप चाहें तो इन कोट्स को अपने सोशल मीडिया से शेयर भी कर सकते हैं।

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Suneet Singh
Suneet Singh Author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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