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सर्दी में खांसी-गले की खराश में मुलेठी का सेवन कैसे करें, यहां देखें ये रामबाण तरीका

mulethi for sore throat: प्रदूषण और ठंडी हवा से सर्दी और गले में खराश से बहुत लोग परेशान हैं। ऐसे में इस परेशानी में मुलेठी का सेवन बहुत राहत देगा। मुलेठी बलगम ही नहीं बल्कि सूखी खांसी में भी आराम देती है। यहां देखें मुलेठी को कैसे लाभदायक बनाया जा सकता है।

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मुलेठी कैसे फायदा देती है (Pic: iStock)

mulethi for sore throat: सर्दियों का मौसम आ चुका है और ठंड बढ़ने के साथ गले में खराश, लगातार खांसी, बलगम और आवाज बैठना एक आम समस्या बन चुकी है। आयुर्वेद में इन समस्याओं को दूर करने के लिए मुलेठी को काभी लाभदायक बताया जाता है।

औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी न केवल सूखी, बल्कि बलगम वाली खांसी की समस्या में भी राहत देती है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय सर्दियों में सबसे कारगर और सुरक्षित घरेलू नुस्खा मुलेठी को बताता है, जिसे आयुर्वेद में यष्टिमधु भी कहा जाता है। सदियों से आयुर्वेद में मुलेठी को 'गले और फेफड़ों की सबसे अच्छी दोस्त' माना जाता है।

मुलेठी कैसे फायदा देती है

मुलेठी में ग्लाइसिर्राइजिन नामक तत्व होता है, जो गले की सूजन कम करता है, बलगम को पतला करके बाहर निकालता है और खांसी में तुरंत राहत देता है। साथ ही यह पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में सहायक है, जिससे अपच, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। अच्छा पाचन होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और सर्दी-खांसी जल्दी ठीक होती है।

मुलेठी से लगातार आने वाली सूखी और बलगमी वाली खांसी में तुरंत राहत, गले की जलन, खराश और आवाज बैठना ठीक होती है। पेट की एसिडिटी, गैस, अपच और अल्सर में फायदा और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। यह मुंह के छालों को दूर करता है।

गले की समस्या में मुलेठी का सेवन कैसे करें

मुलेठी के इस्तेमाल करने का तरीका भी आसान है। मुलेठी की छोटी डंडी को रात में पानी में भिगो दें, सुबह चबाकर खाएं और पानी पी लें। मुलेठी पाउडर को शहद के साथ लें, इससे खांसी में तुरंत आराम मिलता है। मुलेठी, अदरक और तुलसी की चाय भी फायदेमंद होती है। मुलेठी की डंडी मुंह में रखकर चूसना भी खांसी में आराम मिलता है।

रोजाना थोड़ी मात्रा में मुलेठी का सेवन सर्दी-जुकाम, खांसी से बचाव का असरदार तरीका है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर या किसी तरह की एलर्जी से परेशान लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है।

इनपुट - आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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