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Hathras Stampede: हाथरस हादसे से लें सबक, भगदड़ में दिमाग ना करे काम तो यूं बचाएं अपनी जान

Tips to save your life in a stampede: सत्संग जैसे भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में हमेशा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि घटनाएं, दुर्घटनाएं कभी बताकर नहीं आती। तभी तो खतरे को कैसे पहचाना जाए, खतरनाक स्थिति को कैसे छोड़ा जाए, खतरे में खुद को कैसे बचाया जाए, यह जानना बहुत जरूरी है।

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भगदड़ में अपनी जान बचाने के 11 आसान उपाय

Tips to save your life in a stampede in Hindi: उत्तर प्रदेश के हाथरस से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार 2, जुलाई को भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में अभी तक 116 लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं। इससे पहले भी कई बार इस तरह के हादसे हो चुके हैं। बार-बार हो रहे ऐसे हादसों के बाद भी ना तो आम लोग चेत रहे हैं और ना ही आयोजक और प्रशासन। जानकारों का मानना है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भगदड़ के कई कारण होते हैं। आम तौर पर, जब घबराहट, क्रोध और उत्तेजना के कारण लोग अपना दिमाग खो देते हैं, तो अक्सर खतरा पैदा हो जाता है। इसी कारण सत्संग जैसे भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में हमेशा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि घटनाएं, दुर्घटनाएं कभी बताकर नहीं आती।

Hathras Stampede

Photo Source: PTI

तभी तो खतरे को कैसे पहचाना जाए, खतरनाक स्थिति को कैसे छोड़ा जाए, खतरे में खुद को कैसे बचाया जाए, यह जानना बहुत जरूरी है। ऐसे में चलिए आपको बताएं कि अगर आप किसी तरह के भगदड़ में फंस गए तो क्या करें या क्या न करें:

1. ये हमेशा ध्यान रखें कि जरुरी नहीं है आप जिस रास्ते से आए हैं वही बाहर जाने का भी रास्ता हो या एकमात्र वही रास्ता हो. इसलिए आप जहां पर हैं वहां से निकटतम बाहरी दरवाजा किधर है उस पर ध्यान दें।

2. अपनी ताकत बचाकर रखें। बेवजह भीड़ के खिलाफ धक्‍का न लगाएं।

3. भगदड़ के समय कोशिश करें की खुद तो शांत रहें ही साथ वालों को भी शांत करने की कोशिश करें।

4. जब आप देखते हैं कि भीड़ आपकी दिशा में चल रही है, तो आपको तुरंत साइड से बचना चाहिए, घबराना नहीं चाहिए, दौड़ना नहीं चाहिए और गिरने से बचना चाहिए।

5. किसी को धकेलने में ताकत न खर्च करें। चीखने-चिल्‍लाने या शोर मचाने में भी अपनी ताकत खर्च न करें।

6. अगर किसी दीवार के पास हैं तो दीवार का सहारा लेकर खड़े हो जाएं।

7. यदि आप भीड़ में फंस गए हैं, तो कोने के करीब पहुंचने की कोशिश करें और अपने शरीर के सबसे कमजोर हिस्से की रक्षा के लिए अपने हाथों को अपनी गर्दन के पीछे पकड़कर एक गेंद की तरह मोड़ लें।

8. हमेशा अपने पैरों पर बने रहें। किनारे जाने की कोशिश में जमीन पर गिरने से बचें।

9. किसी बॉक्‍सर की तरह अपने हाथों को सीने के पास रखें। इससे आपका दम भी नहीं घुटेगा और मूवमेंट करने में आसानी होगी।

10. पैरों को सटाकर खड़े होने के बजाय फैलाकर रखें ताकि धक्‍का लगने पर संतुलन बनाए रख सकें।

11. ये कहना आसान है लेकिन फिर भी जितना हो सके भगदड़ की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और गहरी सांसें लेकर खुद को शांत रखें।

भगदड़ जैसी स्थिति को वैसे तो हम सतर्कता और समझदारी से रोक सकते हैं, फिर भी अगर ऐसी स्थिति सामने आ ही जाए तो हमें ऊपर बताए तरीके से अपनी रक्षा करनी चाहिए। इसके साथ ही ये बात आपसे जरूर कहेंगे कि अपनी सुरक्षा का ख्याल रखते हुए दूसरों की सहायता भी करें। अगर कोई और गिरता हुआ दिखे या फिर गिर गया है तो हो सके तो उसकी मदद करने की कोशिश करें। दरअसल एक इंसान के गिर जाने से पीछे आने वाले लोगों के भी गिरने का खतरा रहेगा जिससे स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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