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Dua Shayari: मुझे जिंदगी की दुआ देने वाले, हंसी आ रही है तेरी सादगी पर.., पढ़ें दुआ पर 20 मशहूर शेर

Dua Shayari 2 line, Dua Shayari for Love: शायरों ने दुआ के हर रंग को कागज पर उतारा। किसी ने इश्क में मिलने की दुआ को शायरी में गूंथा तो किसी ने ऊपर वाले की इबादत को दुआ के एहसास से भरकर शेर लिखा।

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दुआ शायरी (Photo: iStock)

Dua Shayari in Hindi: शेर-ओ-शायरी की दुनिया ऐसी है कि जिसमें जीवन के हर रंग देखने को मिल जाएंगे। किसी शायर ने इश्क पर लिखा तो किसी ने इंतजार पर, किसी ने बेवफाई को अपनी कलम का साथी बनाया तो किसी ने दोस्ती के जज्बात को कागज पर उतारा। बहुत से शायरों ने दुआ पर भी लिखा। इन शायरों ने दुआ के हर रंग को कागज पर उतारा। किसी ने इश्क में मिलने की दुआ को शायरी में गूंथा तो किसी ने ऊपर वाले की इबादत को दुआ के एहसास से भरकर शेर लिखा। आइए पढ़ते हैं दुआ पर लिखे चंद मशहूर शेर:

1. जाते हो ख़ुदा-हाफ़िज़ हां इतनी गुज़ारिश है

जब याद हम आ जाएं मिलने की दुआ करना

- जलील मानिकपूरी

2. दुआ को हात उठाते हुए लरज़ता हूं

कभी दुआ नहीं मांगी थी मां के होते हुए

- इफ़्तिख़ार आरिफ़

3. मरज़-ए-इश्क़ जिसे हो उसे क्या याद रहे

न दवा याद रहे और न दुआ याद रहे

- शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

4. मुझे ज़िंदगी की दुआ देने वाले

हंसी आ रही है तिरी सादगी पर

- गोपाल मित्तल

5. मैं क्या करूं मिरे क़ातिल न चाहने पर भी

तिरे लिए मिरे दिल से दुआ निकलती है

- अहमद फ़राज़

6. दुआ करो कि मैं उस के लिए दुआ हो जाऊं

वो एक शख़्स जो दिल को दुआ सा लगता है

- उबैदुल्लाह अलीम

7. होती नहीं क़ुबूल दुआ तर्क-ए-इश्क़ की

दिल चाहता न हो तो ज़बां में असर कहां

- अल्ताफ़ हुसैन हाली

8. कोई चारह नहीं दुआ के सिवा

कोई सुनता नहीं ख़ुदा के सिवा

- हफ़ीज़ जालंधरी

9. मांग लूं तुझ से तुझी को कि सभी कुछ मिल जाए

सौ सवालों से यही एक सवाल अच्छा है

- अमीर मीनाई

10. हज़ार बार जो मांगा करो तो क्या हासिल

दुआ वही है जो दिल से कभी निकलती है

- दाग़ देहलवी

11. मांगा करेंगे अब से दुआ हिज्र-ए-यार की

आख़िर तो दुश्मनी है असर को दुआ के साथ

- मोमिन ख़ां मोमिन

12. दुआएं याद करा दी गई थीं बचपन में

सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम

- इफ़्तिख़ार आरिफ़

13. मांगी थी एक बार दुआ हम ने मौत की

शर्मिंदा आज तक हैं मियाँ ज़िंदगी से हम

- अज्ञात

14. मैं ज़िंदगी की दुआ माँगने लगा हूं बहुत

जो हो सके तो दुआओं को बे-असर कर दे

- इफ़्तिख़ार आरिफ़

15. बाक़ी ही क्या रहा है तुझे मांगने के बाद

बस इक दुआ में छूट गए हर दुआ से हम

- आमिर उस्मानी

16. न चारागर की ज़रूरत न कुछ दवा की है

दुआ को हाथ उठाओ कि ग़म की रात कटे

- राजेन्द्र कृष्ण

17. दुश्मन-ए-जां ही सही दोस्त समझता हूं उसे

बद-दुआ जिस की मुझे बन के दुआ लगती है

- मुर्तज़ा बरलास

18. अभी दिलों की तनाबों में सख़्तियां हैं बहुत

अभी हमारी दुआ में असर नहीं आया

- आफ़ताब हुसैन

19. धूप साए की तरह फैल गई

इन दरख़्तों की दुआ लेने से

- काशिफ़ हुसैन ग़ाएर

20. जाते हो ख़ुदा-हाफ़िज़ हां इतनी गुज़ारिश है

जब याद हम आ जाएं मिलने की दुआ करना

- जलील मानिकपूरी

उम्मीद करते हैं कि दुआ पर लिखे ये शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। आप चाहें तो ये शेर किसी अपने को भेज भी सकते हैं या फिर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी शेयर कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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