Tristan da Cunha Island: दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप पर कभी ब्रिटेन का कब्जा था, लेकिन एक ज्वालामुखी विस्फोट के बाद इस द्वीप को पूरी तरह से खाली करा लिया गया था। ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप दुनिया का सबसे दूरस्थ आबादी वाला क्षेत्र है। इस द्वीप की अचानक आज चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने इसकी तस्वीर जारी की।
किसने जारी की तस्वीर
नासा अर्थ ने ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप की दो तस्वीरें जारी की हैं जिसमें दक्षिण अटलांटिक महासागर में तीन छोटे-छोटे द्वीप दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इन तीनों में से सबसे बड़ा ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप है, जो दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के बीच दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित है।
बकौल नासा अर्थ, ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप को दुनिया का सबसे दूरस्थ आबादी वाला द्वीप कहा जाता है। यहां पर इंसानों से ज्यादा समुद्री पक्षी देखने को मिलते हैं।
कब हुई थी ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप की खोज?
इस द्वीप की खोज पुर्तगाली एडमिरल ट्रिस्टन दा कुन्हा ने 1506 में की थी। इसी वजह से द्वीप का नाम खोजकर्ता के नाम पर पड़ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1643 में डच जलपोत के चालक दल ने पहली बार ट्रिस्टन दा कुन्हा द्वीप पर कदम रखा था और 1816 में ब्रिटेन ने इस द्वीप पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यहां पर लोग रहने लगे थे, लेकिन 1961 में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद द्वीप को खाली करा लिया गया था। हालांकि, कुछ वक्त के बाद फिर यहां पर लोग रहने लगे थे।
