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4 लाख मील की गति से घूम रहा पेंसिल नेबुला; NASA हबल ने दिखाया ब्रह्मांड का अलौकिक नजारा

Pencil Nebula: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हबल स्पेस टेलीस्कोप की मदद से कैप्चर किए गए ब्रह्मांड के एक अनोखे नजारे को अंतरिक्ष प्रेमियों के सामने उजागर किया। यह तस्वीर एक नेबुला की है, पेंसिल नुमा आकृत्ति में प्रतीत हो रहा है। संभवत: इसी वजह से इस नेबुला का नाम पेंसिल नेबुला पड़ा होगा। हालांकि, इसका विज्ञानी नाम NGC 2736 है।

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पेंसिल नेबुला (फोटो साभार: NASAHubble)

KEY HIGHLIGHTS
  • हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कैप्चर किया नजारा।
  • पृथ्वी से लगभग 800 प्रकाश वर्ष दूर पेंसिल नेबुला।
  • 4 लाख मील प्रति घंटे की रफ्तार से घूम रहा नेबुला।

Pencil Nebula: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) लगातार अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ब्रह्मांड की दिलचस्प तस्वीरें साझा करता है। इन तस्वीरों को देखकर कई बार तो लोग विस्मय से भर जाते हैं, जबकि कई बार ब्रह्मांड की खूबसूरती को देख मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। हालही में नासा ने पेंसिल नेबुला की एक अद्भुत तस्वीर शेयर की है, जिसकी रोशनी की काला घना अंतरिक्ष भी रोशन दिखाई दे रहा है।

NASAHubble ने साझा की तस्वीर

नासा ने हबल स्पेस टेलीस्कोप की मदद से कैप्चर किए गए पेंसिल नेबुला, जिसे NGC 2736 के नाम से भी जाना जाता है, की अद्भुत तस्वीर को साझा किया। नासा ने इंस्टाग्राम पर फोटो साझा करते हुए अंतरिक्षप्रेमियों के मजे लेने की कोशिश की। तभी तो नासा ने कैप्शन में लिखा- अपनी पेंसिल भूल गए? आप हमारी पेंसिल उधार ले सकते हैं।

पेंसिल नेबुला कहां हैं?

NGC 2736 पृथ्वी से लगभग 800 प्रकाश वर्ष दूर है और लगभग 4 लाख मील प्रति घंटे की रफ्तार से घूम रहा है। अगर आप लोग सोच रहे हैं कि ये नेबुला क्या है? तो हम आपको बता दें कि धूल और गैस से बने बादल, जो तारों के बीच घूमते हैं, उन्हें नेबुला कहा जाता है।

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पेंसिल नेबुला (इंस्टाग्राम फोटो साभार: NASAHubble)

कैसे बना पेंसिल नेबुला?

पेंसिल नेबुला ब्रह्मांड की अद्भुत वस्तुओं में से एक है। साथ ही यह वेला सुपरनोवा अवशेष का एक हिस्सा है। 1840 के दशक में सर जॉन हर्शेल ने पेंसिल नेबुला की खोज की थी। बकौल नासा, तस्वीर में दिखाई देने वाला पेंसिल नेबुला तब बना जब हजारों साल पहले एक तारे में विस्फोट हुआ था।

आसान शब्दों में कहें तो यह नेबुला एक विस्फोटित तारे का अवशेष है। हालांकि, इस सुपरनोवा का खगोलविदों के पास रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इसके बावजूद अनुमान लगाया कि यह विस्फोट लगभग 11,000 वर्ष पहले हुआ होगा।

पेंसिल नेबुला की क्या है कहानी?

हबल स्पेस टेलीस्कोप की छवि में गैस और धूल का एक क्रीम और भूरे रंग का स्तंभ दिखाई दे रहा है, जो देखने में एक पेंसिल जैसा प्रतीत होता है। इसलिए इसका सामान्य नाम पेंसिल नेबुला पड़ा। बकौल नासा, पेंसिल नेबुला का क्षेत्र लगभग तीन चौथाई प्रकाश वर्ष चौड़ा है।

कैसे चमकते हैं नेबुला?

नेबुला घने गैस क्षेत्रों की वजह से चमकदार दिखाई देता है। दरअसल, यह गैस क्षेत्र सुपरनोवा शॉक वेव से प्रभावित होते हैं। जैसे ही शॉक वेव स्पेस में चहलकदमी करती है तो अंतरतारकीय पदार्थ से इसका टकराव होता है। शुरू में गैस लाखों डिग्री तक गर्म होती है, लेकिन फिर यह ठंडी हो जाती है। जिसकी वजह से ऑप्टिकल लाइट निकलती है और पेंसिल नेबुला चमकदार दिखाई देता है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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