Congress Crisis : 'पंजाब में बदलाव के बाद अगला नंबर राजस्थान का', PK ने सोनिया गांधी को सौंपी रणनीति

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 23, 2021, 07:50 AM IST

पंजाब के बाद अब राजस्थान कांग्रेस में भी बदलाव होने की संभावना है। खबरों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान इस बाद पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में एक्शन लेने का मन बना रहा है।

Congress Crisis : 'पंजाब में बदलाव के बाद अगला नंबर राजस्थान का', PK ने सोनिया गांधी को सौंपी रणनीति

जयपुर: कैप्टन अमरिंदर सिंह के पंजाब के सीएम पद से हटने के बाद बड़े बदलाव देखने की बारी राजस्थान की होगी। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने आईएएनएस से यह बात कही। राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और पूर्व पीसीसी प्रमुख सचिन पायलट ने हाल ही में दिल्ली में रेगिस्तानी राज्य में लंबित मुद्दों पर लंबी चर्चा की थी और इस बार आलाकमान पंजाब की तर्ज पर सख्त कार्रवाई करना चाहता है।

अगला विधानसभा का चुनाव लक्ष्य

पायलट खेमे के एक पार्टी के नेता ने कहा, 'आलाकमान को लगता है, ये बदलाव न केवल 2023 में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए, बल्कि 2024 में लोकसभा चुनावों के लिए भी आवश्यक हैं।' दिसंबर 2018 में, कांग्रेस ने 200 में से 99 सीटें जीतीं और अशोक गहलोत को सीएम बनाया गया, भले ही वह चुनाव प्रचार के दौरान सीएम का चेहरा नहीं थे। इन चुनावों के पांच महीने बाद, लोकसभा चुनाव हुए, जहां कांग्रेस ने 25 सीटों में से एक जीत हासिल की।

पीके ने सौंपी रिपोर्ट

अब, अगला चुनाव 2023 में निर्धारित है और पार्टी एक नए सीएम चेहरे पर विचार कर रही है ताकि 2019 के लोकसभा परिणाम 2024 के संसदीय चुनावों में दोहराए न जाएं। दरअसल, दिग्गज रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने व्यापक रणनीति बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि गांधी ने इसे अंबिका सोनी जैसे दिग्गज नेताओं और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ साझा किया था। किशोर ने अपनी रिपोर्ट में पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव की सिफारिश की है।

ये ऐसे राज्य हैं, जहां कांग्रेस मजबूत जमीन पर है और इसलिए पार्टी को इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए, उन्होंने सिफारिश की। आखिरकार, अगले कुछ दिनों में, रेगिस्तानी राज्य में बड़े बदलाव होंगे, जो राजनीतिक कार्रवाई के मामले में निचले स्तर पर है। दरअसल, राजस्थान के प्रभारी अजय माकन ने पिछले गुरुवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि राज्य में कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल के लिए रोडमैप तैयार है।

वापस एक्शन में आए गहलोत

उन्होंने कहा, 'अगर अशोक गहलोत बीमार नहीं पड़ते तो हम पहले ही कैबिनेट विस्तार कर चुके होते जबकि निगमों में और जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों के लिए रोडमैप तैयार है।' कांग्रेस नेता ने कहा कि गहलोत अभी भी अस्वस्थ हैं और घर से काम कर रहे हैं। उनके ठीक होते ही यह काम कर दिया जाएगा। हालांकि, गहलोत अब वापस एक्शन में आ गए हैं। पिछले दो दिनों से वह नियमित बैठकें करने लगे हैं और बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई।

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