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जगन मोहन रेड्डी ने रद्द की अपनी तिरुमाला यात्रा, 'आस्था की घोषणा' पर बढ़ते दबाव के बीच लिया फैसला

वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश के आदेश के तहत राज्य पुलिस ने रेड्डी की यात्रा से पहले वाईएसआरसीपी नेताओं को चेतावनी जारी की थी और उन्हें भाग न लेने का निर्देश दिया था।

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जगनमोहन रेड्डी

Photo : PTI

Jagan Mohan Reddy cancels Tirumala Trip: वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने 'आस्था की घोषणा' (faith declaration) पर एनडीए सहयोगियों की बढ़ती मांग के बीच तिरुमाला यात्रा रद्द कर दी। इससे पहले उन्होंने टीडीपी सरकार पर जमकर हमला बोला। जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में टीडीपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अब राज्य में राक्षस सत्ता में हैं क्योंकि उन्होंने राजनीतिक दलों को कभी किसी मंदिर में जाने के लिए भी ऐसी बाधा उत्पन्न करते नहीं देखा।

'विश्वास की घोषणा' को लेकर बढ़ा दबाव

तिरुपति लड्डू विवाद के बीच तिरुमाला मंदिर की अपनी यात्रा रद्द करने के बाद पूर्व सीएम जगन मोहन ने यह हमला किया। रेड्डी का शुक्रवार रात तिरुमाला पहुंचने और शनिवार को मंदिर में दर्शन के लिए जाने का कार्यक्रम था। ताडेपल्ले से तिरुपति के लिए प्रस्थान करने से कुछ घंटे पहले जगन ने 'आस्था की घोषणा' देने की बढ़ती मांग और सुरक्षा चिंताओं के बीच अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला किया।

नायडू और नारा लोकेश पर बोला हमला

वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश के आदेश के तहत राज्य पुलिस ने रेड्डी की यात्रा से पहले वाईएसआरसीपी नेताओं को चेतावनी जारी की थी और उन्हें भाग न लेने का निर्देश दिया था। अपनी यात्रा रद्द करने के बाद जगन रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कहा कि पुलिस मेरी तिरुमाला यात्रा के मद्देनजर वाईएसआरसीपी नेताओं और कैडरों को नोटिस जारी कर रही थी। पुलिस ने वाईएसआरसीपी नेताओं को नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा है कि तिरुमाला की यात्रा की कोई अनुमति नहीं है। हमें मंदिर जाने के लिए पुलिस की अनुमति की आवश्यकता क्यों है? जगन मोहन ने कहा कि अब राज्य में राक्षस शासन कर रहे हैं।

कहा- राज्य में राक्षस शासन जारी है

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा, राज्य में राक्षस शासन जारी है। सरकार तिरुमाला मंदिर की मेरी आगामी यात्रा में बाधा डालने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने मंदिर यात्रा के संबंध में राज्य भर के वाईएसआरसीपी नेताओं को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि तिरुमाला मंदिर की यात्रा अनुमति नहीं है, और वाईएसआरसीपी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को आवश्यक मंजूरी नहीं है। नतीजतन, नेताओं को उस कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति नहीं है।

क्या है आस्था की घोषणा?

आस्था की घोषणा किसी धर्म में किसी व्यक्ति के विश्वास को व्यक्त करता है, और अक्सर धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान किया जाता है। आस्था की घोषणाएं खुद के प्रति, किसी देवता के प्रति, या धर्म के अन्य सदस्यों के प्रति की जा सकती हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि जगन मोहन ने आज तक आस्था की घोषणा पर दस्तखत नहीं किए हैं।
Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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