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महाराष्ट्र को नहीं देंगे एक इंच जमीन, कर्नाटक के सीएम बोले- नेता कर रहे हैं राजनीति

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Dec 27, 2022, 11:13 PM IST

कर्नाटक के सीएम बी आर बोम्मई ने कहा कि महाराष्ट्र के नेता जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष कमजोर है। जमीन के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति हो रही है।

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बी आर बोम्मई, कर्नाटक के सीएम

कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद पर तनातनी जगजाहिर है। दोनों जगहों पर बीजेपी की सरकार है। हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा में यह मामला उठा। विधायकों ने कर्नाटक के कब्जे में महाराष्ट्र की जमीन को वापस लेने का संकल्प लिया तो कर्नाटक के सीएम बी आर बोम्मई ने साफ कर दिया कि एक ईंच जमीन महाराष्ट्र को नहीं देंगे। स्टेट रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1966 के आधार पर जमीन का बंटवारा हुआ था। महाराष्ट्र के नेता इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित और उनका पक्ष कमजोर है।

एक इंच जमीन नहीं देंगे

बी आर बोम्मई ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा का एकमत से प्रस्ताव का कोई अर्थ नहीं है। वो जानते हैं कि उनका पक्ष देश की सर्वोच्च अदालत में कमजोर है। इस विषय पर सिर्फ और सिर्फ राजनीति की जा रही है। कर्नाटक विधानसभा में पारित प्रस्ताव एकदम साफ है, राज्य का स्पष्ट मत है कि वो संवैधानिक और कानूनी रूप से सही है। दोनों राज्यों के लोग सद्भाव के साथ रहे हैं, महाराष्ट्र के नेता चतुर हैं। पड़ोसी राज्यों में रहने वाले कन्नड़ समाज के हितों को लेकर सरकार सतर्क है।

महाराष्ट्र विधानसभा ने जारी किया है प्रस्ताव

बता दें कि महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने सोमवार को विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था जिसके मुताबिक कर्नाटक के कब्जे में राज्य की जमीन को वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्ताव में जिक्र था कि बेललगावी, कारवाड़, निप्पानी बीदर और भल्कि समेत 865 गांवों की जमीन को वापस लिया जाएगा। इसके साथ ही कर्नाटक और महाराष्ट्र सीमा से सटे इलाकों में एंटी मराठी रुख के लिए कर्नाटक सरकार की आलोचना की गई थी।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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